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Video : Indore Trade India Advisory के 25 कर्मचारी हिरासत में

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मप्र के इंदौर में शेयर बाजार में निवेश के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी के मामले में गठित विशेष एसआईटी ने सोमवार को एक बड़ी कार्रवाई की। विजयनगर पुलिस के साथ करीब 50 से अधिक पुलिसकर्मियों की टीम ने मिलकर विजयनगर क्षेत्र में एडवाइजरी फर्म (Trade India Research Indore) पर दबिश दी। दोपहर 2 बजे से शुरु हुई कार्रवाई देर रात तक जारी रही।

शेयर एडवाइजरी कंपनी का मालिक धोखाधड़ी के मामले में रिमांड पर

पुलिस ने फर्जी एडवाइजरी कंपनी (Indore Fake Advisory) के 25 से अधिक कर्मचारियों-अधिकारियों को हिरासत में लिया है। इन कर्मचारियों से पूछताछ में कंपनी द्वारा निवेशकों से ठगी की जानकारी जुटाई जाएगी। फिलहाल पुलिस ने कंपनी का दफ्तर सील कर दिया है। पुलिस ने कंपनी के कार्यालय से कंप्यूटर और हार्डडिस्क भी जब्त की है, जिनमें भी कई जानकारियों सामने आ सकती हैं।

क्या है मामलाः

एडवाइज़री कंपनी ने एक शख्स से की लाखों की ठगी

इंदौर पुलिस को लगातार शहर में फर्जी एडवाइजरी कंपनियों के खिलाफ शिकायतें मिल रही थीं। इनमें ‘ट्रेड इंडिया रिसर्च‘ (Trade India Research Indore) नामक कंपनी की भी शिकायत थी। एडवाइजरी ने जम्मू निवासी सेना के एक जवान को भी अपनी धोखाधड़ी का शिकार बनाया था। जम्मू कश्मीर में पदस्थ सेना के जवान राजेन्द्र सिंह ने इस फर्म द्वारा 23,66,000 हजार रूपये की ठगी किए जाने की शिकायत की थी।  एडवाइजरी ने फर्जी अकाउंट खोलकर जवान के खाते से पैसों की हेराफेरी की थी। कंपनी ने जवान के आधार कार्ड और पैन कार्ड के जरिए उसकी केवायसी भी की थी। इसके अतिरिक्त जवान की पत्नी का भी फर्जी डीमेट अकाउंट खोल लिया था।

26 हज़ार लोग हुए ठगी का शिकार (Trade India Research Indore Fraud)

जांच में पाया गया कि एडवाइजरी कंपनी में लगभग 300 कर्मचारी कार्यरत हैं जो लोगों को कॉल कर शेयर बाजार (Trade India Research Indore) में निवेश करने कि बात कहते हैं, लुभावने ऑफर के चलते कई लोगों ने कंपनी की योजनाओं के माध्यम से शेयर बाजार में निवेश किया था, जिसमें से अधिकांश निवेशकों का पैसा डूब गया। कंपनी ने लगभग 7 लाख से अधिक नागरिको को काॅल किया था। जिनमे से 26 हजार से अधिक लोग ठगी के शिकार बने।

इंदौर में एडवाइज़री कंपनी ने की सवा करोड़ की ठगी, मालिक गिरफ्तार

निवेशक पहुंचे हाईकोर्ट, संचालक फरार

जब लोगो को इस ठगी की खबर लगी तो उन्होंने हाईकोर्ट की शरण ली। आशंका है कि इस काम में बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत भी हो सकती है। फिलहाल कंपनी के संचालक फरार हैं और पुलिस कंपनी के कर्मचारियों और मैनेजर से पूछताछ कर रही है। वहीं लगभग 10 घंटे तक चली कार्रवाई में पुलिस ने कंपनी के कर्मचारियों से भी सख्ती से पूछताछ की।

 

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