आकाश विजयवर्गीय के मामले में शिवराज ने साधी चुप्पी

0

इंदौर क्षेत्र क्रमांक 3 के भाजपा विधायक आकाश विजयवर्गीय को सलाखों के पीछे डाल दिया गया है। भाजपा विधायक ने बुधवार को एक नगर निगम अधिकारी को क्रिकेट बेट से धुन दिया था। आकाश की इस धुआंधार बल्लेबाजी के बाद इंदौर पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इसके बाद अदालत ने उनकी जमानत नामंजूर कर दी और उन्हें सलाखों के पीछे पहुंचा दिया (Shivraj On Akash Vijayvargiya)। इस मामले को लेकर जब आकाश के पिता से एक पत्रकार ने बात करनी चाही तो कैलाश विजयवर्गीय ने पत्रकार पर गुस्सा जताते हुए फोन ही काट दिया। इसके बाद आज यानी गुरुवार को जब सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह से इस बारे में बात की गई तो वे भी बात को टाल गए।

One Nation-One Card : अब एक ही कार्ड पर मिलेगा पूरे देश में राशन

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह भी इस मामले में कुछ भी कहने से बचते हुए नज़र आए। जब शिवराज से आकाश विजयवर्गीय के ‘आवेदन, निवेदन फिर दे दनादन, वाले बयान पर सवाल पूछा गया तो वे उन्होंने विषय ही बदल डाला। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि वे सदस्यता के काम से महाराष्ट्र में थे। उससे पहले वे तेलंगाना में थे। फिर भी जब पत्रकारों ने उनसे इस विषय में उनका जवाब माँगा तो उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि “आकाश ने अपना पक्ष स्पष्ट कर दिया है, इसके अलावा मुझे कुछ नहीं कहना है।”

नीमच के कनावटी जेलब्रेक मामले में 4 नए खुलासे

गौरतलब है कि आकाश ने बुधवार को एक निगम कर्मचारी की पिटाई क्रिकेट बेट से कर दी थी। जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी भी हुई और उनकी जमानत भी नामंजूर हो गई। अब उन्हें आगामी 11 जुलाई तक जेल में ही रहना पड़ेगा। यह विवाद उसी मकान को लेकर हुआ था जिसे ढहाने का आदेश पिछले वर्ष ही पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह द्वारा दिया गया था। लेकिन अब इस मामले में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ही जवाब देने से बचते नज़र आ रहे हैं। इस मामले में कैलाश विजयवर्गीय और शिवराज सिंह दोनों ने ही चुप्पी साध रखी है।

आकाश के समर्थन में #MaiBheBallebaaj मुहीम

Share.