लूट का पर्दाफ़ाश – मैसेज से पकड़ाए लुटेरे

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इंदौर के खजराना में 17 जुलाई की रात तकरीबन 1 बजे एक शख्स से 2 अज्ञात अपराधियों द्वारा लूट की वारदात को अंजाम दिया गया। पीड़ित शख्स संजय द्वारा 18 जुलाई को खजराना थाना में इस बाबत प्राथमिकी दर्ज कराई गई। पीड़ित ने बताया कि वह 17 जुलाई देर रात पीथमपुर स्थित ऑटोमोबाइल्स कंपनी से घर वापस आ रहा था। उसी दौरान खजराना के सर्विस रोड पर उसे दो बाइकसवार युवकों ने रास्ता पूछने के बहाने से रोक लिया। इसके बाद उन्होंने पिस्टल दिखाकर संजय से पर्स व मोबाइल मांगा। जब पीड़ित ने देने से मना किया तो वे छीनकर भाग गए।

पीड़ित ने बताया कि वह पीथमपुर की एक ऑटोमोबाइल्स कंपनी में सुपरवाइजर के तौर पर कार्यरत है और रात तकरीबन 1 बजे कम्पनी से घर वापस आ रहा था। रेडिसन चौराहे पर वह बस से उतारकर पैदल ही अपने घर जा रहा था। तभी मालू 001 के सामने सर्विस रोड खजराना पर उसके साथ यह घटना घटित हुई। संजय ने आगे कहा कि दोनों युवक बिना नंबर की बाइक से आए थे और उस बाइक के मास्क पर “लव यू मा” लिखा हुआ था। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 392 प्रकरण पंजीबद्ध किया और उनकी तलाश शुरू कर दी।

मामले को गंभीरता से लेते हुए खजराना पुलिस ने एक टीम गठित की और मुखबिरों को कार्य पर लगा दिया। पीड़ित द्वारा बताई गई जानकारी के आधार पर एक मुखबिर ने पुलिस को सूचना दी कि अनिल उर्फ मच्छी पिता रामलाल रायकवार उम्र 22 साल निवासी बर्फानी धाम विजय नगर की बाइक पर “लव यू मा” लिखा हुआ है और वह बिना नंबर की है। गौरतलब है कि अनिल रामकृष्णबाग में मच्छी बेचने का काम करता है। सूचना प्राप्त होने पर पुलिस ने अनिल उर्फ मच्छी से पूछताछ की तो पता चला कि शाइन बाइक उसका छोटा भाई चिंटू पिता रामलाल रायकवार उम्र 19 साल निवासी चमार मोहल्ला खजराना लेकर गया था।

इस पर पुलिस ने चिंटू से पूछताछ की जिससे उसके साथी जितेंद्र पिता भानु जाटव उम्र 22 साल निवासी चमार मोहल्ला खजराना की जानकारी पुलिस को मिली। पुलिस ने तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की तो उन्होंने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। आरोपियों के पास से पुलिस को पीड़ित का एम.आई मोबाइल (MI Mobile), पर्स और बिना नंबर की शाइन बाइक भी बरामद हुई। अब तीनों आरोपियों से पुलिस अन्य लूट के बारे में पूछताछ कर रही है। खजराना थाना प्रभारी प्रीतम सिंह ठाकुर की अगुवाई में उप-निरीक्षक रामकुमार रघुवंशी आरक्षक धर्मेंद्र कुशवाह, आरक्षक संजू सिंह, आरक्षक रामगोपाल, आरक्षक कपिल व आरक्षक पंकज जाधव की टीम ने इस लूट का पर्दाफाश किया।

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