एक दिन की बच्ची के साथ निर्ममता, चाकू से कई वार

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मध्यप्रदेश के इंदौर शहर (Multiple Knife Wounds In Indore) से एक बेहद ही दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है। आज यहां ऐसी निर्ममता देखने को मिली जिसके बारे में सिर्फ सोचने भर से रूह तक कांप जाए। इंदौर में महज़ एक दिन की बच्ची पर धारदार चीज़ से वार किया गया लेकिन सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात यह है कि इस घटना पर मासूम के माता-पिता ने चुप्पी साध रखी है। जी हां उस एक दिन की मासूम बच्ची के माता-पिता का कहना है कि उन्हें नहीं पता कि बच्ची के शरीर पर घाव कैसे हुए या उस पर किसने वार किया। इंदौर के एमवाय अस्पताल (M.Y. Hospital) में वेंटिलेटर पर यह मासूम जिंदगी की जंग हार गई लेकिन मासूम के माता-पिता यही कहते रहे कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं कि बच्ची के साथ ये सब कैसे हुआ? मासूम बच्ची के माता-पिता का दिल इसके बाद भी नहीं पसीजा और वे लगातार यही कह रहे हैं कि यह सब अपने आप हुआ है और उन्हें इस बारे में कुछ नहीं पता।

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दरअसल एक दिन की मासूम को घायल अवस्था (Multiple Knife Wounds In Indore) में इंदौर शहर के एमवाय अस्पताल (M.Y. Hospital) लाया गया। मासूम के शरीर पर चाक़ू के कई घाव थे। एक दिन की मासूम पर किसने वार किए, उसे चाक़ू से किसने मारा, उसके शरीर पर ये घाव कैसे हुए इस बारे में उसके माता-पिता को कुछ नहीं पता या वे इससे अनजान बन रहे हैं। माता-पिता का कहना है कि बच्ची के शरीर पर ये घाव अपने आप हो गए हैं, जबकि डॉक्टर्स का बच्ची पर चाक़ू या फिर किसी शार्प ऑब्जेक्ट से वार किए गए हैं। नवजात को बुधवार शाम को शाजापुर के जिला अस्पताल से इंदौर रैफर किया गया था। जब नवजात एमवाय हॉस्पिटल लाई गई तब उसके घाव को देखकर डॉक्टर्स भी हैरान रह गए, स्तब्ध रह गए। इसके बाद डॉक्टर्स ने तत्काल ही पुलिस को सूचित किया और इस केस की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस अस्पताल पहुंची और मासूम के माता-पिता से पूछताछ की तो उनका कहना है कि मासूम के शरीर पर घाव अपने आप हो गए। नवजात के माता-पिता आगर के रहने वाले हैं और ये उनकी दूसरी बेटी है।

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इस मामले में शाजापुर जिला अस्पताल के डॉक्टर चेतन वर्मा (Chetan Verma) से बात की गई तो उनका कहना है कि जब नवजात को घायल अवस्था (Multiple Knife Wounds In Indore) में उनके पास लाया गया तो उन्होंने नवजात के परिजन से कई बार पूछा कि बच्ची के शरीर पर ये घाव कैसे लगे? लेकिन माता-पिता हर बार यही कहते रहे कि मासूम के शरीर पर ये घाव अपने आप ही हुए हैं। वहीं इंदौर के एमवायएच अस्पताल के पीडियाट्रिक प्रमुख डॉ. ब्रजेश लाहोटी का कहना है कि मासूम को वेंटिलेटर पर रखा गया था जहां वह जिंदगी और मौत के बीच झूल रही थी। डॉ. लाहोटी ने बताया कि बच्ची की गर्दन, छाती व पेट पर चाक़ू या किसी शार्प ऑब्जेट से वार किए गए थे। उन्होंने आगे जानकारी दी कि पेट पर इतना गहरा ज़ख़्म था कि मासूम की आंत का एक हिस्सा ऑपरेशन कर बाहर निकालना पड़ा क्योंकि वह अंदर तक फट गया था। आखिरकार बच्ची ने दम तोड़ दिया जिसके बाद उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम के बाद परिजन को मासूम का शरीर सौंप दिया गया और वे उसे लेकर गांव रवाना हो गए। मिली जानकारी के अनुसार बच्ची का जन्म 11 फ़रवरी को हुआ था और 12 फ़रवरी को ही उसके शरीर पर चाकू के वार के 5-6 घाव थे। इस बारे में बच्ची की मां का कहना है कि ‘उसे किसी ने नहीं मारा ये घाव अपने आप हुए हैं। जब बच्ची को अस्पताल से घर लाए तब देखा उसके शरीर से खून बह रहा है। बाहर वाला भी कोई नहीं आया तो कौन मरेगा और क्यों।’ फिलहाल पुलिस ने इस मामले में अज्ञात के खिलाफ धारा 307 के तहत मामला दर्ज किया है और जांच कर रही है।

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