Video : Kailash Vijayvargiya का अधिकारी ने किया बचाव

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इस समय भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के विधायक बेटे आकाश विजयवर्गीय का नगर निगम के अधिकारी के साथ विवाद का मामला  सबसे अधिक सुर्ख़ियों में हैं | इस दौरान आकाश ने अधिकारी धीरेंद्र बायस को बल्ले से मार दिया था| इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भी कई चर्चाएं चल पड़ी थी | इस दौरान कैलाश विजयवर्गीय का 1994 का एक फोटो (IPS Pramod Phalnikar On Kailash Vijayvargiya) भी वायरल हुआ था, जिसमें वे अधिकारी को जूता दिखाते दिख रहे हैं | अब फोटो में दिख रहे उसी अधिकारी ने कैलाश विजयवर्गीय पर लगे आरोपों को गलत बताते हुए उनका बचाव किया है |

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कांग्रेस के दावों के मुताबिक, साल 1994 में कैलाश विजयवर्गीय ने अफसर पर जूते से वार किया था| इस बारे में जब उस वक्त के एएसपी प्रमोद श्रीपाद फलनीकर की तो तस्वीर की पूरी कहानी सामने आ गई|

ये बात 1994 की है| साल 1993 में कैलाश विजयवर्गीय दूसरी बार इंदौर से विधायक बने थे| उस दौरान इनके इलाके में पानी की भीषण समस्या चल रही थी | इलाके के लोग काफी हो-हल्ला मचा रहे थे| पानी के साथ दूसरी और भी समस्याएं थी, जिस पर नगर निगम ध्यान नहीं दे रहा था| लोगों की समस्याओं के साथ कैलाश विजयवर्गीय कमिश्नर के घर एमजी रोड विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे| उनके साथ काफी लोगों की भीड़ भी थी| विरोध प्रदर्शन की जानकारी उस वक्त के एएसपी प्रमोद श्रीपाद फलनीकर (IPS Pramod Phalnikar On Kailash Vijayvargiya) को लगी, जिसके बाद वे भी मौके पर दल-बल के साथ पहुंच गए|

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भीड़ के साथ पहुंचे कैलाश उस वक्त के कमिश्नर से मिलना चाहते थे, लेकिन ज्यादा भीड़ होने की वजह से उन्हें मिलने नहीं दिया जा रहा था|

प्रमोद फलनीकर (IPS Pramod Phalnikar On Kailash Vijayvargiya) ने बताया कि उनके रोकने के बावजूद वे मिलने की ज़िद पर अड़े थे| तभी बातों-बातों में उन्होंने अपना जूता निकालकर दिखाया और कहा, “मैं कई बार आ चुका हूं उनसे मिलने, लेकिन मुझे मिलने नहीं  दिया जा रहा है| देखिए मेरा जूता भी घिस चुका है|”

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उस दौर में ये कोई बड़ी घटना नहीं थी, क्योंकि उन्होंने सिर्फ जूता दिखाया था| इस मामले में ना ही कोई शिकायत की गई थी| तो कुल मिलाकर जिस दावे के साथ कांग्रेस ने ये तस्वीर शेयर की वो सही नहीं प्रतीत होता|

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