जूडा की हड़ताल रही असफल, छाई निराशा   

0

जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन की 5 सूत्रीय मांगों को लेकर की जा रही हड़ताल बगैर किसी सकारात्मक आश्वासन के ख़त्म हो गई| जूडा की सात दिन पुरानी हड़ताल बड़े नाटकीय घटनाक्रम के बाद 8वें दिन ख़त्म हो गई| इस बीच सभी जूनियर डॉक्टर्स ने अपने-अपने एचओडी को अपनी ज्वाइनिंग दे दी | इससे पहले जूडा और एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. शरद थोरा के बीच लंबी बैठक हुई, लेकिन जूडा की ओर से मीडिया के सामने कोई नहीं आया| इसके बाद  हड़ताल ख़त्म होने की जानकारी एमवाय अस्पताल के अधीक्षक डॉ. व्हीएस पाल ने दी|

हड़ताल ख़त्म होने से पहले की बैठक

एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. शरद थोरा और जूनियर डॉक्टर्स (जूडा) के पदाधिकारियों के बीच चली लंबी बैठक चर्चा का केंद्र रही| इस बैठक के दौरान जिला कलेक्टर निशांत वरवड़े भी अधीक्षक डॉ.व्हीएस पाल के चेंबर में ही मौजूद रहे, लेकिन मीडिया के पूछे जाने पर केवल चर्चा चल रही है इतना ही कह सके| उन्होंने मीडिया के समक्ष स्पष्ट कर दिया कि वे इस मसले पर नहीं बल्कि अन्य कामों की समीक्षा करने अस्पताल पहुंचे हैं|

ख़ामोशी से खड़े रहे डॉक्टर

जूनियर डॉक्टर्स हड़ताल ख़त्म करने से पहले अस्पताल परिसर में डटे रहे| इस बीच डॉक्टर्स आपस में भी कम ही बात कर रहे थे| यहां ज्यादातर डॉक्टर्स खामोश नजर आए| इस दौरान सभी जूनियर डॉक्टर्स परेशान भी नज़र आए| कुछ डॉक्टर्स से जब चर्चा करने की कोशिश की गई तो उनका स्पष्ट कहना था अब हम मीडिया से चर्चा नहीं करेंगे क्योंकि अब समझ आ रहा है कि जो बोलेगा उसे टारगेट किया जा रहा है| सरकार के अड़ियल रवैये के कारण हड़ताल के बाद भी कोई सार्थक चर्चा नहीं हो सकी| हम नहीं चाहते हड़ताल लंबी चले, लेकिन किसी ने हमसे अंत तक चर्चा नहीं की |

प्रदेशभर के जूडा डॉक्टरों ने दिया इस्तीफा

एमवाय अस्पताल में मरीज परेशान

डॉक्टर नाराज़, मरीजों को ऐतराज़

Share.