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तोड़फोड़ के विरोध में कर्मचारियों ने किया धरना-प्रदर्शन

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इंदौर में अतिक्रमण हटाओ मुहिम चले और कोई विवाद न हो, ऐसा हो ही नहीं सकता है | पहले स्मार्ट सिटी के नाम पर हटाए गए अतिक्रमण को लेकर जनता विरोध में उतरी थी तो हाल ही में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय और विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 3 से विधायक आकाश विजयवर्गीय का मामला सामने आया था | इसमें उन्होंने अतिक्रमण (Indore Choithram Mandi Merchants On Strike) हटाने आई नगर निगम की टीम के अधिकारी पर बैट से हमला किया था | अब एक और अतिक्रमण मुहिम का विरोध सामने आया है |

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प्राप्त जानकारी के अनुसार, चोइथराम फ्रूट मंडी एसोसिएशन के अध्यक्ष ओमप्रकाश परिड़वाल के नेतृत्व में आज चोइथराम फ्रूट मंडी में हड़ताल (Indore Choithram Mandi Merchants On Strike) की गई| दरअसल, जहां कल एसोसिएशन के ऑफिस में तोड़फोड़ की गई थी, उसके समीप ही सैकड़ों की तादाद में मंडी से जुड़े व्यापारी और कर्मचारियों ने धरना, प्रदर्शन कर दिया। इस धरना-प्रदर्शन के पीछे मंडी सचिव की हठधर्मी बताया गया। यह भी बताया गया कि कल मंडी प्रशासन ने 80 अतिक्रमण तोड़ने के लिए जिला प्रशासन को सूचना दी थी और उसी के बाद अतिक्रमण तोड़ने दल पहुंचा था।

इस मामले में अध्यक्ष ओमप्रकाश परिड़वाल का कहना है कि तोड़फोड़ में भेदभाव किया गया। केवल एसोसिएशन के ऑफिस को टारगेट बनाकर तोड़फोड़ (Indore Choithram Mandi Merchants On Strike) की गई और दिखावे के रूप में केवल एक दर्जन के करीब अतिक्रमण तोड़े गए और बाकी को छोड़ दिया गया, जब तोड़फोड़ करने दस्ता मंडी पहुंचा था तब एसोसिएशन के अध्यक्ष परिड़वाल तत्काल अपर कलेक्टर कैलाश वानखेड़े के पास पहुंचे थे और उन्हें कागज स्वीकृति के दिखाए थे और अपर कलेक्टर ने मंडी सचिव को कहा था कि कागज ठीक है उसके बाद भी मंडी सचिव ने तोड़फोड़ करवा दी। इस जगह पर फ्रूट मंडी एसोसिएशन के ऑफिस के अलावा मजदूर यूनियन का कार्यालय और प्याऊ भी संचालित हो रही थी|

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यहां पदाधिकारी बैठते थे, किसी तरह का व्यवसाय नहीं होता था। आज तोड़फोड़ के विरोध में सुबह से व्यापारी, मजदूर और हम्माल सहित सैकड़ों लोगों ने मिलकर धरना-प्रदर्शन कर दिया और कार्यालय के टूटे-फूटे स्थान पर भी कुछ मजदूर बैठे रहे।

परिड़वाल ने कहा, “इस कार्यालय के निर्माण को लेकर स्वीकृति ली गई थी और इतना बड़ा निर्माण एक दिन में नहीं होता है, जब निर्माण हो रहा था तब मंडी अधिकारी कहां थे, जगह फालतू पड़ी हुई थी इसीलिए परमिशन लेकर दोनों एसोसिएशन के कार्यालय को यहां से निर्माण के बाद संचालित किया जा रहा था। कल भी तोड़फोड़ के दौरान एसडीएम, तहसीलदार और मंडी अधिकारी के साथ पुलिस को भी कागज दिखाए गए थे। अपर कलेक्टर के निर्देश को भी मंडी सचिव सतीश पटेल ने नहीं माना और तोड़फोड़ करवा दी। इसी के विरोध में आज धरना-प्रदर्शन किया गया।“

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