इन दो पर्यटन स्थलों से निगम लेगा पानी

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इंदौर (Best Waterfalls In Indore) में गर्मी निरंतर बढ़ती ही जा रही है| पिछले कई दिनों से क्षेत्र में गर्मी का कहर लगातार लोगों की परेशानी बढ़ाने का काम कर रहा है।  दोपहर के समय आसमान से बरस रही आग लोगों का बदन झुलसा रही है । लोग पंखे, कूलर और एसी के सामने बैठे नज़र आ रहे हैं | गर्मी के कहर के कारण अब जलसंकट की भी स्थिति निर्मित होने लगी है| जैसे-जैसे शहर की आबादी और क्षेत्रफल बढ़ता जा रहा है, वैसे ही शहरवासियों के लिए उपलब्ध वर्तमान जलस्त्रोत पानी की पर्याप्त पूर्ति करने में असमर्थ साबित हो रहे हैं| शहरवासी भरपूर पानी होने के बावजूद त्रासदायक स्थिति का सामना कर रहे हैं। इस स्थिति से निपटने के लिए अब नगर निगम विशेष तैयारी में लग गया है|

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दरअसल, नगर निगम जिले के दो प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों तिंछा फाल (tincha fall) और सीतलामाता फाल (sitlamata fall) (मानपुर) का पानी लेकर लोगों की प्यास बुझाने की तैयारी में लग गया है। जलसंकट से निजात दिलाने में पर्यटन स्थलों का पानी कारगर साबित हो सकता है। निजी बोरिंगों का अधिग्रहण करने की ओर भी कदम बढ़ा दिए गए हैं। योजना के अनुसार, दो सौ बोरिंगों का अधिग्रहण कर शेष खराब ट्यूबवेलों को दुरुस्त करने के लिए डीपीआर बनाई जाएगी।

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दोनों पर्यटन स्थलों से पानी लेने में आने वाले खर्च की डीपीआर बनाई जाकर टेंडर निकाले जाएंगे। तिंछा फाल से 311 तथा सीतलामाता फाल से 100 एमएलडी पानी लेने की योजना है। तिंछा फाल का पानी खंडवा रोड व उससे लगी कॉलोनियों को सप्लाई होगा, जबकि सीतलामाता फाल के पानी को जलूद से आने वाली लाइन से जोड़ा जाएगा। यहां से जलूद मात्र 30 से 35 किलोमीटर दूर है।

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उल्लेखनीय है कि पानी पर निगम प्रतिवर्ष करोड़ों रुपए खर्च करता है। जलूद से डेढ़ साल पहले तीसरे चरण का 90 एमएलडी पानी लिया गया ताकि नगरीय सीमा में शामिल किए गए 29 गांवों के अंतिम छोर तक पानी आसानी से पहुंच सके। गांवों में आबादी के मान से पेयजल टंकियों का निर्माण कार्य चल रहा है। अमृत योजना में बन रही टंकियां दिसंबर के अंत तक तैयार हो जाएगी। टंकियों में नर्मदा का पानी भरा जाएगा।

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पूर्व में निगम ने आदिवासियों के जननेता टंट्या भील की कर्मस्थली और पर्यटन स्थल पातालपानी का पानी लेने की योजना थी। इसकी डीपीआर सरकार को भेजी गई थी। वहां से स्वीकृति आती, इसके पहले ही योजना पर विराम लग गया। रेलवे ने जब इसे हेरिटेज स्टेशन का स्वरूप दिया तो निगम ने पैर पीछे खींच लिए। पातालपानी में चोरल नदी, चोरल डेम, नखेरी डेम का पानी आता है।

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