Indore News : यदि बारिश आ गई तो करोड़ों का नुकसान हो जाएगा

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इंदौर में चोइथराम मंडी प्रशासन द्वारा समुचित व्यवस्था न किए जाने के कारण माल ला रहे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस मंडी में सरकार की भावांतर योजना के कारण हर दिन 500 से ज्यादा गाड़ियां आलू-प्याज की पहुंच रही है। इसमें भी अधिक संख्या प्याज लेकर पहुंचने वाली गाड़ियों की है। इन गाड़ियों से माल लेकर आ रहे किसानों के माल को खरीदने में ही कई घंटे का समय लगाया जा रहा है। यहां करोड़ों का माल खुले में पड़ा है | इस स्थिति में यदि बारिश आ गई तो करोड़ों का नुकसान हो जाएगा|

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सरकार की ओर से किसानों को सुविधा देने के लिए किए जा रहे तमाम दावों की पोल इंदौर की चोइथराम मंडी में खुलकर सामने आ जाती है। चोइथराम mandimandimandiमंडी में अव्यवस्था का यह आलम है कि यहां माल लेकर आ रहे किसानों के लिए न छांव है, न पानी की व्यवस्था है |

मंडी के पूरे क्षेत्र में जाम लगा हुआ है| सुबह 5 बजे से ही गाड़ियों की इन्ट्री खोल दी जाती है। इसके कारण इतनी बड़ी संख्या में गाड़ियां सुबह से ही मंडी परिसर में जमा हो जाती है कि बाद में आने वाली गाड़ियों के लिए तो कोई जगह ही नहीं बचती है। इन गाड़ियों को काफी दूरी पर खड़ा करना पड़ता है। इसके साथ ही पास में रेत मंडी की गाड़ियां खड़ी हो जाने के कारण भी जाम लग जाता है। ऐसे में माल लोड करने के लिए खाली गाड़ी को अन्दर ला पाना भी संभव नहीं हो पाता है।

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हर दिन सुबह 10 बजे से आए हुए माल की नीलामी शुरू होती है| जो नीलामी में माल को खरीदता है, वह खरीदने के बाद माल की लोडिंग करने में लग जाता है। एक बड़ी गाड़ी को लोड करने में कम से कम 10 घंटे का समय लग रहा है। इस समय तक किसान पूरी तरह परेशान हो चुका होता है और पानी तो उसके लिए सबसे पहली ज़रूरत होती है, लेकिन इस जरूरत की पूर्ति की भी कोई व्यवस्था नहीं है। जो माल खरीदा जाता है उसे मंडी के प्रांगण में ही खुले आसमान के नीचे ढेर लगाकर रख दिया जाता है। करोड़ों रुपये का माल खुले आसमान के नीचे पड़ा हुआ नजर आ रहा है। यदि किसी भी समय एकदम मानसूम आ गया तो यह पूरा माल खराब हो जाएगा।

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मंडी व्यापारी संघ के मोहम्मद मकसूद अहमद का कहना है कि भावान्तर योजना के कारण इंदौर में माल ज्यादा आ रहा है। अब सरकार को इस माल को व्यवस्थित तरीके से खरीदने और लोड कराने की व्यवस्था करना चाहिए।

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