कोई सरकारी लाभ नहीं लूंगा

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मध्यप्रदेश सरकार ने पांच संतों को राज्यमंत्री का दर्जा दिया है| इसके बाद से ही सरकार के इस फैसले का विरोध शुरू हो गया है| यहां तक कि मामला कोर्ट तक जा पहुंचा है| दूसरी ओर राज्यमंत्री बनाए गए इंदौर निवासी भय्यू महाराज ने सरकारी लाभ लेने से मना कर दिया है|

दरअसल, राष्ट्रसंत भय्यू महाराज ने घोषणा की है कि वे राज्यमंत्री दर्जे का कोई सरकारी लाभ नहीं लेंगे| भय्यू महाराज ने कहा, “प्रदेश सरकार ने मुझे नर्मदा नदी की रक्षा के लिए बनाई गई विशेष समिति में शामिल कर मुझ पर जो भरोसा जताया है, उस पर मैं एक आम नागरिक की तरह खरा उतरने की पूरी कोशिश करूंगा, लेकिन मैं राज्यमंत्री के दर्जे का किसी तरह का सरकारी लाभ नहीं लूंगा|” उन्होंने आगे कहा कि मैंने अपने जीवन में अब तक न तो लाभ का कोई पद ग्रहण किया है न ही किसी पद का लाभ लिया है| लिहाजा मैं राज्यमंत्री दर्जे से मिलने वाली कोई भी सरकारी सुख-सुविधा स्वीकार नहीं कर सकता हूं|

गौरतलब है कि शिवराज सरकार ने नर्मदानंद महाराज, हरिहरानंद महाराज, कम्प्यूटर बाबा, भय्यू महाराज एवं पंडित योगेंद्र महंत को राज्यमंत्री का दर्जा दिया है| इसके बाद प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा, “ऐसा कर मुख्यमंत्री अपने पापों को धोने का प्रयास कर रहे हैं, यह चुनावी साल में साधु-संतों को लुभाने की सरकार की कोशिश है|”

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