इस कारण पूरे देश में इंदौर को देखना पड़ा शर्म से नीचा

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मप्र की व्यावसायिक राजधानी कहे जाने वाला शहर इंदौर स्वच्छता के मामले में जहां पूरे देश में तीन बार अव्वल आकर यहां के रहवासियों को गौरवान्वित कर चुका है | परन्तु हाल ही में सामने आए एक मामले ने पूरे देश में शहर का नाम शर्म से नीचा कर दिया है | दरअसल, इंदौर शिक्षा के क्षेत्र में शर्मसार हो गया है | इस घटना के बाद इंदौर को शिक्षा के क्षेत्र में ही पिछड़ा माना जाने लगा है।

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दरअसल, सारे देश में हर क्षेत्र में अव्वल रहने वाले इस शहर की साख पर कलंक लगाने का काम देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV) ने किया हैं। विश्वविद्यालय की ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा सीईटी ( DAVV CET 2019) के आयोजन में यहां के अधिकारियों के फेल हो जाने से एज्युकेशन हब के रूप में पहचाने जाने वाले इंदौर को एज्युकेशन के क्षेत्र में ही पिछड़ा माना जाने लगा है।

दरअसल, विश्वविद्यालय की आयोजित की गई सीईटी की परीक्षा में विद्यार्थियों के साथ जो मज़ाक हुआ, उसकी कोई सीमा ही नहीं है। इस परीक्षा के लिए सुबह जहां विद्यार्थियों की ऐसी चेकिंग ली जा रही थी कि पीएससी की परीक्षा की चेकिंग भी कमजोर पड़ जाए वहीं जब परीक्षा की बारी आई तो मालूम हुआ कि पेपर ही लोड नहीं हो पाया है। विश्वविद्यालय के अधिकारी इस स्थिति को देखते-समझते रहे और बार-बार कहते रहे कि हम हालात पर नज़र बनाए हुए हैं।

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यह लगातार हो रहा है, जब देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (Devi Ahilya Vishwavidyalaya) के द्वारा सीईटी ( DAVV CET 2019) की परीक्षा ऑनलाइन ली जाती है और यह परीक्षा पेपर लोड न हो पाने के कारण मजाक बनकर रह जाती है।  इस अव्यवस्था और लापरवाही के बाद दोपहर के समय में विश्वविद्यालय द्वारा प्रवेश समिति की आपात बैठक भी आयोजित की गई। इस बैठक में यह तय किया गया कि एक ग्रुप की जो परीक्षा निरस्त की गई है, उसे जल्द ही एक सप्ताह के अन्दर फिर से आयोजित कर लिया जाएगा। इसके साथ ही विश्वविद्यालय इस पूरे मामले को लेकर अपना दामन बचाता हुआ नज़र आया। इस पूरे घटनाक्रम से पूरे देश के विद्यार्थियों के सामने इंदौर की व्यवस्थाओं की पोल खुल गई और इंदौर की इज्ज़त दो कौड़ी की रह गई|

आज हर कार्य ऑनलाइन होने लगा है| इतने हाईटेक समय में भी इंदौर का देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (डीएवीवी) ऑनलाइन परीक्षा ले पाने में अपने आपको असमर्थ पा रहा है। इससे निश्चित तौर पर इंदौर को ही नीचा देखना पड़ा है।

प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी (Jitu Patwari) का इंदौर गृह क्षेत्र है उनके गृह क्षेत्र में ही विश्वविद्यालय की परीक्षा इस तरह से मजाक बन गई, लेकिन उनके द्वारा अपने विभाग पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है|

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