दिनभर चली कार्यवाही , 52 दुकानें सील

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इंदौर विकास प्राधिकरण ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए स्कीम नंबर 71 स्थित बहुचर्चित मनी सेंटर की 52 दुकानों को अपने कब्जे में लेकर सील कर दिया| इस कार्रवाई से पहले सभी दुकानदारों को अपनी दुकान में रखा सामान निकालने और सुरक्षित रखने का भी समय दिया गया है| आईडीए ने यह कार्रवाई भवन मालिक और दुकानदारों को दिए गए बेदखली आदेश की समय सीमा खत्म होने के बाद की| एक विशेष बात यह  रही कि  इस पुराने मामले में किसी तरह का कोई विरोध सामने नहीं आया| 

सुबह से ही मौके पर पहुंच गई थी टीम 

इंदौर विकास प्राधिकरण की टीम शनिवार सुबह से ही पहुंची और बेदखली की कार्रवाई शुरू की| शाम होने से पहले ही अस्पताल और नाले की जमीन पर बनी सभी दुकानों को आईडीए ने अपने कब्जे में लिया| इससे पहले आईडीए ने मनी सेंटर के सभी दुकानदारों और आवंटियों को नोटिस जारी किए थे। बेदखली अधिनियम के तहत जारी आदेश के मुताबिक सभी दुकानदारों को अपनी दुकानें खाली करना थी। बेदखली के नोटिस मिलने के बाद दुकानदारों ने आईडीए से गुहार लगाई थी कि उन्हें मेडिकल की दुकानों को संचालित करने और उसका व्यवसाय करने की अनुमति दे, लेकिन इसके विपरीत आईडीए के अधिकारियों ने उन दो मेडिकल की दुकानों को भी सील कर दिया, जो यहां संचालित हो रही थी|

नगर निगम की थी अनुमति

आईडीए से मिली जानकारी के अनुसार इस जमीन को सजनी बजाज के नाम पर मेडिकल व्यवसाय के लिए 1995 को आवंटित किया गया था। इसके बाद नगर निगम ने काम्प्लेक्स  बनाने की अनुमति दी| इसके बाद मामला बिगाड़ा और आवंटित भूखंड पर करीब  50 हजार वर्ग फीट का निर्माण कर लिया गया, जो कि नियमों का सीधा उल्लंघन था| इसके बाद मिली शिकायत के बाद इंदौर विकास प्राधिकरण ने यह कार्रवाई की|

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