CRPF ने किया एक गांव को ‘अपनी रोशनी’ से रोशन

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फिल्‍म ‘मांझी-द माउंटेन मैन’ यदि आपने देखी है तो आपको याद होगा कि उसमें मुख्य किरदार दशरथ अपनी पूरी ज़िंदगी पहाड़ काटकर गांव तक सड़क बनाने का कार्य करता रहता है| कुछ ऐसा ही कार्य हमारे देश के जांबाजों ने भी कर दिखाया है| झारखंड  के लतेहार जिले के ‘बुरा पहाड़’ नाम से मशहूर पहाड़ के किनारे एक गांव स्थित है, जहां पर कुछ समय पहले न सड़क थी और न ही बिजली| आज़ादी के इतने वर्षों बाद भी लोग बिना मूलभूत सुविधाओं के रह रहे थे| इसके बाद सेना के जवानों ने वहां तक सड़क बनवाई और बिजली भी पहुंचाई|

दरअसल, ‘बुरा पहाड़’ के पास स्थित है कमरदीह गांव, जहां सरकार की नजरअन्दाजी की वजह से नक्सलियों ने अपना डेरा जमा रखा था| नक्सलियों के आतंक के कारण गांव में कोई नहीं आता-जाता था| वे लोग लोगों को परेशान करते थे| जबरदस्ती किसी के भी घर में घुस जाते और खाना भी छीन लेते थे| लगातार बढ़ती वारदातों के बाद सरकार ने 20 जून को सेना की एक टुकड़ी गांव भेजी| इसके बाद वहां जवानों की सुविधाओं के लिए इंतजाम शुरू हो गए| इसके बाद सीआरपीएफ की दूसरी टीम भी वहां पहुंच गई|

जवानों ने धीरे-धीरे करके पूरे गांव की कायाकल्प कर दी| जवानों के लिए बेहतर व्यवस्था मुहैया कराने के लिए सारे इंतजाम किए गए| इससे गांववालों को दो फायदे हुए, पहला अब गांव में नक्‍सलियों का आना लगभग बंद हो गया| दूसरा फायदा यह था कि दूर सीआरपीएफ के कैंप में जलते हुए बिजली के बल्‍ब को देखकर खुश हो लेते थे| इसके बाद जवानों ने कड़ी मेहनत से गांव में बिजली पहुंचाई और कई लोगों के चेहरे पर खुशियां बांटी|

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