जैन मंदिर के आयोजन में न बुलाने पर कांग्रेस को आपत्ति

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इंदौर मप्र की राजनीति का गढ़ माना जाता है| यहाँ गलियों-मोहल्लों में भी राजनीति आसानी से देखने को मिल जाती है | यहां राजनीतिक पदों के अलावा विभिन्न समाजों में भी भाजपा-कांग्रेस के समर्थक समाजन (Congress does not want to convene in the event) राजनीति करते रहते हैं | ऐसा ही कुछ आजकल यहाँ के दिगम्बर जैन समाज में भी हो रहा है |

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गौरतलब है कि दिगम्बर जैन समाज की राजनीति (Congress does not want to convene in the event) पहले ही दो गुटों के बीच फंसकर विवादों में बनी रहती है । ऐसे में कनाड़िया रोड स्थित दिगम्बर जैन मंदिर सड़क चौड़ीकरण के कारण पीडब्ल्यूडी से मंदिर के लिए जमीन उपलब्ध करवा ली गई और वहां पर मंदिर बनकर तैयार भी हो गया और कल भगवान आदिनाथ की 7 फीट 11 इंच से बड़ी 9 टन वजन की पद्मासन प्रतिमा बेदी पर स्थापित भी हो गई| उसके पहले समाजजन द्वारा शोभायात्रा भी निकाली गई, लेकिन किसी भी आयोजन में कांग्रेसियों को याद नहीं किया गया।

पीडब्ल्यूडी से जमीन ले ली गई थी वह बात अलग थी कि उस समय सरकार भाजपा की थी। अब पीडब्ल्यूडी मंत्री सज्जनसिंह वर्मा है, परन्तु उन्हें आयोजन में निमंत्रित नहीं किया गया| हद तो तब हो गई, जब जैन समाज से जुड़े और इसी विधानसभा 5 में हस्तक्षेप रखने वाले विनय बाकलीवाल जो शहर अध्यक्ष है, उन्हें भी याद नहीं किया गया। इस पूरे आयोजन में भाजपाईकरण (Congress does not want to convene in the event) हुआ इस पर कांग्रेस को आपत्ति है।

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इस आयोजन से विधायक महेन्द्र हार्डिया सहित पार्षद और पदाधिकारी जुड़े रहे, उनकी उपस्थिति रही। कांग्रेस से जुड़े दिगम्बर जैन समाजजन ने इस पर आपत्ति लेकर इस पूरे मुद्दे को प्रदीपकुमार सिंह कासलीवाल और भरत मोदी से जोड़ने की कोशिश को सामाजिक और राजनीतिक रंग से (Congress does not want to convene in the event) जोड़ दिया।

कांग्रेसियों ने इस आयोजन पर आपत्ति जताई| कांग्रेस नेताओं ने मंच पर सीधा-सीधा भाजपा नेताओं के गुणगान का आरोप भी लगाया। इस आयोजन को सीधा-सीधा प्रदीप कुमारसिंह कासलीवाल के गुट के आयोजन से देखकर कांग्रेस से जुड़े भरत मोदी के गुट को दरकिनार करने का आरोप (Congress does not want to convene in the event) भी लगाया गया।

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इंदौर में तीन मंत्री निवासरत है, जिनमें सज्जन वर्मा पीडब्ल्यूडी मंत्री है। वहीं तुलसी सिलावट और जीतू पटवारी भी इंदौर में ही है, उन्हें भी तवज्जो नहीं देने की बात भी कांग्रेसियों ने की है। भरत मोदी गुट से जुड़े दिगम्बर जैन समाजजन ने कहा कि प्रदेश में भी कांग्रेस की सरकार है, ऐसे में कांग्रेस के मंत्री और कांग्रेसजन को भी (Congress does not want to convene in the event) आमंत्रित किया जाना चाहिए था। कुल मिलाकर दिगम्बर जैन समाज के दो धड़ों का विवाद अब कनाड़िया मंदिर के धार्मिक आयोजन में फिर से नए रूप में विवाद खड़ा हो गया है।

अब इसे भाजपा और कांग्रेस से जोड़कर सोशल मीडिया ग्रुप पर चलाया जा रहा है। भगवान आदिनाथजी की पद्मासन प्रतिमा के वेदी पर विराजित आयोजन को भी अब राजनीतिकरण (Congress does not want to convene in the event) करके देखा जा रहा है। इधर कांग्रेस नेता राजेश चौकसे, मधुसूदन भलिका ने कहा कि बात सम्मान की होती है। भाजपा के क्षेत्रीय विधायक को बुलाए हमें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन जब जमीन पीडब्ल्यूडी विभाग ने दी थी तो इंदौर से जुड़े मंत्रियों को सम्मान मिलना चाहिए था।

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