युवक की नादानी, पुलिस के लिए बनी परेशानी

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“हैलो, मैं वेलोसिटी टाकीज़ के पीछे स्थित चित्रानगर से विकास बोल रहा हूं| हमारे मोहल्ले से उसकी परिचित लक्ष्मी चौहान के  5 साल के बच्चे का अपहरण हो गया है और अपहरणकर्ता ने बच्चे को जान से मारने की धमकी दी है।“

डायल 100 पर शनिवार सुबह पुलिस को फोन पर यह सूचना मिली | 100 डायल द्वारा यह पाइंट इंदौर कंट्रोल रूम को बताया, वहां से सभी पुलिस अधिकारियों के साथ ही थाने पर सूचना दी गई। यह जानकारी मिलते ही इंदौर से लेकर भोपाल और छतरपुर तक की पुलिस तुरंत सक्रिय हो गई और बच्चे का पता लगाने में जुट गई। खजराना थाने के उपनिरीक्षक आनंद राय की टीम को मौके पर जांच के लिए भेजा गया।

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जिस नंबर से पुलिस को सूचना दी गई थी उस पर कॉल बैक किया गया लेकिन फोन नहीं उठाया गया। दोपहर करीब 12 बजे युवक ने अपना मोबाइल ऑन किया तो उससे फोन पर बात हुई। इस दौरान उसने बताया कि उसकी परिचित लक्ष्मी चौहान के बेटे का अपहरण हुआ है। पुलिस ने इलाके की सभी लक्ष्मी चौहान से संपर्क किया। इस नाम की चारों महिलाओं ने बताया कि उनका बेटा घर पर है और किसी का अपहरण नहीं हुआ। चित्रानगर के साथ ही आसपास के क्षेत्रों में तलाश किया गया लेकिन अपहरण होने की जानकारी सामने नहीं आई। इस पर पुलिस ने कॉलर की पड़ताल की।

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लगभग 8 घंटे की पड़ताल के बाद विकास कुशवाह (Vikas Kushwah) नामक युवक का पता चला जो कि छतरपुर का रहने वाला था। वर्तमान में वह विकास देवास नाके स्थित पेप्सी कंपनी में हम्माली का काम करता है। इसके बाद पुलिस ने युवक को पता लगाने के लिए उसकी लोकेशन तलाशी और मेघदूत गार्डन के पास उसे घूमते हुए पकड़ लिया।

पुलिस ने उसे पकड़कर अपहरण की सूचना देने के संबंध में पूछताछ की। विकास ने पुलिस को बताया कि उसने ऐसे ही पुलिस को फोन लगा दिया था और अपहरण की गलत सूचना दे दी थी। उसने बताया कि वह देवास नाका स्थित कंपनी में नौकरी करता है। कुछ लोगों को उसने बात करते हुए सुना था कि अपहरण की घटनाएं शहर में बढ़ गई हैं इसलिए उसने पुलिस को परेशान करने के लिए झूठी सूचना दी थी। पुलिस ने आरोपित के खिलाफ अपराध की झूठी सूचना देने और पुलिस को गुमराह करने पर धारा 182 की कार्रवाई की है।

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