प्रदेश के लगभग 1.88 करोड़ परिवारों को मिलेगा लाभ

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अभी तक प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना (AYUSHMAN BHARAT YOJANA) के तहत इलाज उपलब्ध करवाया जा रहा है। इसके दायरे में प्रदेश के 83.81 लाख परिवार आ रहे हैं। इनकी पहचान सामाजिक आर्थिक जाति जनगणना 2011 के तहत की गई है। इनमें से 99 प्रतिशत रोग 1.5 लाख रुपए के पैकेज में आते हैं, जबकि बाकी एक प्रतिशत बीमारियों को पांच लाख रुपए के पैकेज में रखा गया है। अब प्रदेश के लगभग 1.88 करोड़ परिवारों को 10 लाख रुपए तक के उपचार की सुविधा ( Right To Health Scheme ) देने की सरकार की योजना है।

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गौरतलब है कि प्रदेश के साढ़े सात करोड़ लोगों स्वास्थ्य सुविधाओं की सेवा देने के लिए प्रदेश सरकार ‘स्वास्थ्य का अधिकार’ योजना ( Right To Health Scheme ) तैयार कर रही है। इसमें 1.5 लाख रुपए तक उपचार का खर्च बीमा कंपनी द्वारा वहन किया जाएगा और 10 लाख रुपए तक का दावा ट्रस्ट मोड पर सरकार वहन करेगी। इसमें वे लोग भी आएंगे, जिन्हें आयुष्मान योजना (AYUSHMAN YOJANA) का लाभ नहीं मिलता है। स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट के निर्देश के बाद विशेषज्ञों की एक टीम बनाकर योजना का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।

आयुष्मान योजना के तहत उपचार देने के लिए इंदौर में 10 व मध्यप्रदेश में 86 निजी और 200 सरकारी अस्पतालों का चयन किया गया है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन इंदौर के अध्यक्ष डॉ. शेखर डी राव के अनुसार आयुष्मान योजना के तहत अभी तक कई व्यावहारिक परेशानियों से अस्पतालों को जूझना पड़ रहा है। लोगों को पैकेज की जानकारी न होना भी एक समस्या है। इससे कई बार अस्पतालों में विवाद की स्थिति बनती है।

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मध्यप्रदेश में आयुष्मान योजना ट्रस्ट मोड में लागू है। इसमें केंद्र सरकार की 60 प्रतिशत व राज्य सरकार की 40 प्रतिशत भागीदारी है। मध्यप्रदेश में केंद्र सरकार लगभग 550 करोड़ रुपए इस योजना के लिए दे रही है, जबकि राज्य सरकार 1100 से 1400 करोड़ के बजट से ‘स्वास्थ्य का अधिकार योजना’ का प्रस्ताव तैयार कर रही है।

आयुष्मान योजना के तहत प्रदेश के वही अस्पताल शामिल हैं, जो नेशनल एक्रेडिएशन बोर्ड ऑफ हॉस्पिटल्स एंड हेल्थ केयर प्रोवाइडर्स (एनएबीएच) के तहत पंजीबद्ध हैं, लेकिन ‘स्वास्थ्य का अधिकार योजना’ के तहत सरकार एनएबीएच बाध्यता के मापदंड को खत्म करने या अन्य तरीके पर विचार कर रही है। इससे हर अस्पताल में इलाज उपलब्ध करवाया जा सकेगा। पैकेज की दर बढ़ाने पर भी विचार हो रहा है।

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