Video: इंदौर में बढ़ी एडवायजरी कंपनियों की शिकायतें

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देश की आर्थिक राजधानी इंदौर यूं तो लाखों लोगों के रोजगार का ठिकाना है, लेकिन अब चंद स्वार्थी और धोखेबाज़ व्यापारियों के चलते इस शहर की साख पर बट्टा लग रहा है। हजारों लोगों को रोजगार देने वाले शेयर मार्केट के एडवायजरी सेक्टर में अब लोगों से धोखाधड़ी की शिकायतें लगातार बढ़ रही है। हाल ही में इंदौर में सामने आए दो अलग-अलग मामलों ने इस क्षेत्र में बढ़ रही धोखाधड़ी को उजागर किया है।

केस 01- पुलिस ने नहीं की कार्रवाई

इंदौर के एक व्यापारी से डेढ करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने आरोपियों पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें चाय पिलाकर छोड़ दिया। जब मामले की शिकायत विभाग के बड़े अधिकारियों तक पहुंची तब उन्होंने मामले में जांच बैठाई। यवतमाल अमरावती महाराष्ट्र के राजकुमार सिद्धम ने इंदौर की टू कैपिटल (हाइ ब्रो मार्केट रिसर्च) पर धोखाधड़ी का अरोप लगाया है। फरीयादी ने बताया कि कंपनी ने उन्हें अपनी लुभावनी बातों में फंसाकर उनसे 58 लाख रुपए ऐंठ लिए। जब बाद में फायदा नहीं हुआ तो उन्होंने कंपनी से अपने पैसे वापस मांगने की मांग की। जब वह कंपनी में अपने पैसे मांगने पहुंचे तो कंपनी के कर्मचारियों और मालिकों ने उन्हें धमकाकर भगा दिया।

फरीयादी ने मामले की शिकायत विजयनगर थाने में की तो थाना प्रभारी सुधीर अरजरिया और एसआई लल्लन मिश्रा ने उनसे शिकायती आवदेन लेकर उन्हें भेज दिया। दो दिन बाद उन्होेंने कंपनी के कर्ताधर्ताओं को थाने में बुलाया और उन्हें बैठाकर चाय पिलाई। इसके बाद फरीयादी ने प्रदेश के एक मंत्री को मामले की शिकायत की। विभाग के एडीजी अजय शर्मा को जब मामले की शिकायत मिली तो उन्होंने सीएसपी पंकज दीक्षित को मामले की जांच सौंपी। अब इस मामले में पुलिस अधिकारियों की भूमिका की जांच की जा रही है।

केेस 02- एक करोड़ की ठगी, थाने से भगाया

इसी कंपनी के खिलाफ एक और फरीयादी आशीष मकाती निवासी एहमदाबाद ने भी धोखाधड़ी का आरोप लगाया। फरीयादी के मुताबिक इस कंपनी के कुछ कर्मचारियों ने उनसे करीब 1 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की। कंपनी के हेमंत अग्रवाल, लक्ष्मीकांत शर्मा, मोहित छपरवाल, स्वपनिल प्रजापति, गिरीश कुमार पहवानी, सुनील अतोड़े, चंदनसिंह, विक्रांत, श्रुति, अदिती, ऋषि मेहरा, तारिक, अर्जुन, महादेव, वरुणसिंह, संतोष रेड्डी के खिलाफ फरीयादी मकाती ने शिकायत दर्ज करवाई थी, लेकिन इस शिकायत की फाईल ही पुलिस ने गायब कर दी। बाद में एसपी (मुख्यालयद्) मो. युसुफ कुरैशी ने मामले में जांच के आदेश दिए। बाद में फरीयादी के ससुर राजेंद्र पारिख जो कि इंदौर में ही रहते हैं ने इस मामले में पुलिस जनसुनवाई में डीआईजी से भी शिकायत की, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की।

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