सुप्रीम कोर्ट ने कहा, यह मामला हमारे जिम्मे छोड़ दो

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सुप्रीम कोर्ट ने न्यायपालिका से जुड़े मामलों में हस्तक्षेप करते हुए एक याचिका खारिज कर दी है। न्यायपालिका से जुड़ी कई याचिकाओं को खारिज करते हुए उच्चतम न्यायालय ने कहा, “न्यायाधीशों की नियुक्ति का मामला हम पर छोड़ दीजिए।” जजों की नियुक्ति को लेकर यह अहम टिप्पणी सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को की। प्रधान न्यायाधीश एके सीकरी  और  अशोक भूषण ने न्यायाधीशों की नियुक्ति से जुड़ी याचिका को खारिज करते हुए यह टिप्पणी की।

सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका को भी खारिज कर दिया, जिसमें उन वकीलों के खिलाफ अवमानना कार्रवाई की मांग की गई थी, जिन्होंने प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर दस्तखत किया था। याचिकाकर्ता द्वारा कहा गया था कि उनके पास सम्पूर्ण जानकारी प्राप्त करने का पूरा अधिकार है। साथ ही याचिका में यह भी कहा गया कि मीडिया ने न्यायमूर्ति केएम जोसफ के प्रमोशन के दौरान लोगों को गुमराह किया कि हो सकता है, उनका प्रमोशन न हो।

वहीं प्रधान न्यायाधीश एके सीकरी और  अशोक भूषण की युगल पीठ ने कहा कि यह मामला न्यायाधीशों की नियुक्ति का है, इसे हम पर छोड़ दीजिए| हम इसे देख सकते हैं और याचिका खारिज की जाती है।

2015 में राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग क़ानून को लागू कर जजों की नियुक्ति का एक नया प्रस्ताव पारित किया था। जजों की नियुक्ति करने वाले इस आयोग की अध्यक्षता भारत के मुख्य न्यायाधीश करेंगे। ख़ास बात यह है कि इस आयोग का काम सिर्फ़ सुप्रीम कोर्ट और सभी 24 उच्च न्यायालयों में जजों की नियुक्ति रहेगा।

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