किसानों के लिए मुसीबत बनी नहर

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मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले में एक नहर फसल के लिए अभिशाप बन गई। जी हां, करोड़ों की लागत से बनाई गई नहर का एक बड़ा हिस्सा डिंडौरी जिले में पिपराड़ी गांव के समीप टूटकर बह गया। नहर का बड़ा हिस्सा टूट जाने से आसपास के खेतों में पानी भर गया। पानी की अधिकता की वजह से तकरीबन 10 एकड़ में लगी फसल नष्ट हो गई। वहीं नहर के टूट जाने से केवल 1 दर्जन गांवों के किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध हो पा रहा है।

इस मामले में शाहपुरा एसडीएम अमित बम्हरौलिया ने ठेकेदार व जल संसाधन विभाग के खिलाफ कार्रवाई की बात करते हुए नोटिस जारी कर दिया है। नहर के टूट जाने से किसान आक्रोशित हो गए हैं और उन्होंने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों पर ठेकेदार से मिले होने का आरोप लगाया है। किसानों का कहना है कि अधिकारियों ने ठेकेदार से मिलकर नहर का घटिया निर्माण करवाया है। किसान इसकी जांच की मांग कर रहे हैं।

किसानों के समर्थन में उतरे क्षेत्र के पूर्व भाजपा विधायक डॉक्टर चैनसिंह भवेदी ने कांग्रेस की पूर्व विधायक गंगाबाई उरैती और मंत्री ओमप्रकाश धुर्वे पर आरोप लगाते हुए कहा कि नहर के घटिया निर्माण में लिप्त भ्रष्टाचारियों को मंत्री और कांग्रेस की पूर्व विधायक का संरक्षण प्राप्त है। गौरतलब है कि सिलगी एवं सिलहटी नदी को जोड़कर बांध और नहर बनाने में 269 करोड़ रुपए की लागत लगी थी। बिलगढ़ा बांध परियोजना का उद्देश्य तकरीबन 100 गांवों के हजारों किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराना था।

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