मंदसौर दौरे से किसान आंदोलन हो सकता है तेज

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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के मंदसौर दौरे के साथ ही दस दिवसीय किसान आंदोलन ज़ोर पकड़ सकता है | किसान आंदोलन को पांच दिन पूरे हो चुके हैं और प्रदेश सरकार अब तक सूबे के सभी जिलों में मोटे तौर पर शांति व्यवस्था बनाने में कामयाब रही है | राहुल गांधी के  दौरे और सभा के बाद किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति पैदा न हो, इस बात को लेकर हर स्तर पर सजगता बरती जा रही है|

राहुल के प्रदेश दौरे के मद्देनज़र खुफिया तंत्र सक्रिय है और प्रदेश के आला अधिकारी पूरी तरह से अलर्ट है | इधर, गांधी के दौरे को सफल बनाने में जुटी कांग्रेस जी-तोड़ मेहनत कर मंदसौर में होने वाली सभा को सफल बनाने में जुटी  है |

मंदसौर में 6 जून को होने वाली सभा से विपक्षी दल कांग्रेस को बहुत उम्मीद है| यहां पार्टी अध्यक्ष के साथ ही प्रदेश के सभी नेता और कार्यकर्ता भी अपनी मौजूदगी दर्ज करवाएंगे |

राहुल की सभा 11बजे

राहुल गांधी 6 जून को पिपलियामंडी होते हुए मंदसौर पहुंचेंगे| वे 11बजे किसानों की याद  में आयोजित कार्यक्रम के बाद होने वाली सभा को संबोधित करेंगे | सभा में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ, प्रदेश  प्रभारी दीपक बावरिया, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह, चुनाव अभियान समिति  के अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया, कांग्रेस नेता  कांतिलाल भूरिया, सुरेश पचौरी, राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा सहित अन्य सभी नेता मौजूद रहेंगे और सभा को संबोधित करेंगे |

अब तक का आंदोलन रहा बेअसर

किसान आंदोलन अब तक बेअसर रहा है | 1 जून से प्रारंभ हुए किसानों के गांव बंद आंदोलन पर एक तरह से शासन ने अपनी वाकपटुता के दम पर पानी फेर कर रख दिया | शासन के नुमाइंदों का किसानों से हो रहा लगातार संवाद बेहद असरकारक रहा है| यही कारण है कि आंदोलन के पांच दिन गुजरने के बाद भी उसे वह हवा नहीं मिली, जिससे अप्रिय स्थिति बन सके | इस बीच अफसरों को अब एक ही बात का भय सता रहा है और वह है राहुल गांधी की सभा| पांच दिनों के  आंदोलन की तरह ही यह भी शांतिपूर्ण माहौल में हो जाए तो वे किसानों के आंदोलन को 10 दिनों तक शांति के साथ निपटा लेंगे|

आज से बढ़ सकते हैं दाम

किसान आंदोलन  का असर भले ही अब तक नहीं  हुआ  हो,  लेकिन  आने  दिनों  में इसका  असर  देखने  को मिल सकता  है|अब बाहरी प्रांतों से आने वाली सब्जी की मात्रा कम हो सकती है |

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