दुनिया की 10 कोरोना वैक्सीन के बारे में अपडेट

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कोरोना वायरस से पूरी दुनिया लड रही है. और दुनियाभर के देश कोरोनावायरस इन बनाने में लगे हुए हैं.आज हम आपको बताते हैं दुनिया के 10 टॉप के वैक्सीन जो इस रेस में सबसे आगे हैं-दुनिया भर में कोरोना वायरस कोविड-19 की वैक्सीन के लिए वैज्ञानिकों की करीब 100 टीम काम कर रही हैं.टीमें करीब 50 ऐसी वैक्सीन पर काम कर रही हैं जो अलग-अलग स्टेज पर है.10 वेक्सिन फेज-3 ट्रायल के करीब है.

फाइजर बीएनटी162 (Pfizer-BNT162): ये वैक्सीन दवा कंपनी फाइजर और बायोएनटेक मिलकर बना रही हैं. इसका फेज-3 का ट्रायल यूरोप और उत्तरी अमेरिका में हो चुका है.

मॉडर्ना mRNA-1273 (Moderna mRNA-1273): दवा कंपनी मॉडर्ना बना रही है. इसका फेज-3 का ट्रायल कैसर पर्मानेंटे वॉशिंगटन हेल्थ रिसर्च इंस्टीट्यूट में हुआ.

Ad5-nCoV (CanSino Biologics) चिन के वुहान में इस वैक्सीन का फेज-3 ट्रायल पूरा किया जा चुका है. में पाकिस्तान, सऊदी अरब और मेक्सिको के 40 हजार लोगों ने भाग लिया

AZD1222 (Oxford University/AstraZeneca/SII): दुनिया को सबसे ज्यादा उम्मीद इसी वैक्सीन से है. ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी, दवा कंपनी एस्ट्राजेनेका और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया इसे मिलकर बना रही हैं. इसका भी फेज-3 का ट्रायल पूरा हो चुका है. इंसानी परीक्षण के लिए अमेरिका और भारत को चुना गया था. अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, भारत, कनाडा समेत कई देशों में अब इस वैक्सीन को बाजार में लाने की अनुमति का इंतजार है.

CoronaVac (Sinovac): चीन की दवा कंपनी साइनोवैक फार्मास्यूटिकल ने ये वैक्सीन बनाई है. यह इनएक्टीवेटेड वैक्सीन (फॉर्मेलीन और एलम एडजुवेंट) आधारित इलाज पद्धत्ति पर बनाई गई है. इसके फेज-3 का ट्रायल साइनोवैक रिसर्च एंड डेवलपमेंट को. लिमिटेड करवा रहा है.

Covaxin (Bharat Biotech/National Institute of Virology): भारतीय दवा कंपनी भारत बायोटेक इस वैक्सीन को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी के साथ मिलकर बना रही है. इसका भी फेज-3 ट्रायल चल रहा है.

JNJ-78436735 (Johnson & Johnson): नॉन-रेप्लिकेटिंग वायरल वेक्टर इलाज पद्धति पर आधारित यह दवा जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी बना रही है. वैक्सीन अपनी तीसरे फेज के ट्रायल के अंतिम चरण में है.

NVX-CoV2373 (Novavax): कोरोना को हराने के लिए यह दुनिया की पहली नैनोपार्टिकल आधारित वैक्सीन है. इसे नोवावैक्स नाम की दवा कंपनी बना रही हैं.

स्पुतनिक-पांच (Russia): स्पुतनिक-पांच (Sputnik-V) को रूस की गामालेया रिसर्च इंस्टीट्यूट और आसेललेना कॉन्ट्रैक्ट ड्रग रिसर्च एंड डेवलपमेंट ने मिलकर बनाया है. राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उनके परिवार ने भी इस वैक्सीन की डोज ली थी.

साइनोफार्म, WIBP: चीन की दवा कंपनी चाइना नेशनल फार्मास्यूटिकल ग्रुप (Sinopharm) और वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ बायोलॉजिकल प्रोडक्ट्स की वैक्सीन का भी फेज-3 ट्रायल चल रहा है. अभी तक इस वैक्सीन का नाम निर्धारित नहीं है.

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