केरल की बाढ़ से कोच्चि एयरपोर्ट प्रभावित

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केरल में आई बाढ़ ने अभी तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। अत्यधिक वर्षा और बाढ़ के कारण राज्य के इतिहास में पहली बार 42 में से 35 बांधों को खोल दिया गया है तथा 26 सालों में पहली बार इदुक्की बांध के सभी 5 द्वारों को खोला गया है। कोच्चि एयरपोर्ट भी इस तबाही से अछूता नहीं रहा है।  कोच्चि इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भारी नुकसान पहुंचा। लगभग 250 करोड़ के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।

15 अगस्त से बंद पड़ा कोच्चि इंटरनेशनल एयरपोर्ट चारों तरफ से पानी से भर चुका है। यहां तक कि एयरपोर्ट की बाउंड्री के अंदर दाखिल होकर बाढ़ का पानी रनवे तक पहुंच गया। बारिश में कमी होने के बाद से एयरपोर्ट से पानी बाहर निकालने और मरम्मत का काम जारी है। उम्मीद की जा रही है कि 26 अगस्त तक दोबारा एयरपोर्ट खोल दिया जाएगा।

एयरपोर्ट के पब्लिक रिलेशन ऑफिसर पीएस जायना के मुताबिक, क़रीब 250 लोग एयरपोर्ट को सुचारू ढंग से दोबारा संचालित करने की कोशिशों में जुटे हैं। बाढ़ की वजह से हुए नुकसान में रनवे की 800 लाइट और 2600 मीटर लंबी चारदीवारी की मरम्मत का काम बचा हुआ है।

गौरतलब है कोच्चि एयरपोर्ट दुनिया का पहला एयरपोर्ट है, जो सोलर पेनल से चलता है। पानी ने सोलर पेनल को भी नुकसान पहुंचाया है।

एयरपोर्ट के पब्लिक रिलेशन ऑफिसर का कहना है कि, ‘हमें गर्व है कि हमारा एयरपोर्ट सोलर पेनल से चलता है| बाढ़ से 20 फीसदी सोलर पेनल नष्ट हो गए हैं| हमारे पास अभी आधी ही क्षमता है, लेकिन एक महीने में स्थिति सामान्य हो जाएगी।’ फिलहाल कुल 8 पॉवर स्टोरेज पेनल में से केवल चार पॉवर स्टोरेज पेनल ही काम कर रहे हैं। सोलर पेनल को रिप्लेस और सही करने में करीब 10 करोड़ रुपए का खर्च आने का अनुमान लगाया जा रहा है।

ख़ास बात यह रही कि पूरा एयरपोर्ट इंश्योर्ड था और इससे अनुमानित 250 करोड़ रुपए के नुकसान की भरपाई इंश्योरेंस कंपनी से ही की जाएगी। उल्लेखनीय है कि केरल में 8 अगस्त 2018 को सायंकाल में भारी मानसूनी वर्षा हुई, जिसके कारण सारे बांधों में क्षमता से अधिक जल भर गया।

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