कमलनाथ ने लिखा पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र

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कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने कोशियारी कमेटी की रिपोर्ट लागू करने की मांग की है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भी लिखा है। उन्होंने कहा है कि कोशियारी रिपोर्ट लागू नहीं होने के कारण राज्य के 36 लाख कामगार, श्रमिक, कर्मचारी और साढ़े तीन लाख ईपीएफ के पेंशनभोगी प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोशियारी कमेटी की रिपोर्ट राज्यसभा में लंबित है। केंद्र ने सिफारिश की थी कि ईपीएफ की न्यूनतम पेंशन तीन हजार रुपए हो।

इस पर प्रचलित दर से महंगाई भत्ता दिया जाए। वर्तमान में महंगाई भत्ते की दर 14 प्रतिशत है। एक ओर 1 सितंबर 2014 के पहले ईपीएफ वाले पेंशनर्स को न्यूनतम दस हजार तथा अधिकतम 40 हजार रुपए प्रतिमाह पेंशन दी जा रही है, वहीं दूसरी ओर 1 सितंबर 2014 के बाद रिटायर्ड पेंशनर्स को न्यूनतम एक हज़ार तथा अधिकतम ढ़ाई हजार रुपए पेंशन दी जा रही है। उनके साथ अन्याय हो रहा है।

कमलनाथ ने कहा कि पेंशन में असमानता के कारण कामगारों और पेंशनभोगियों का जीवनयापन कठिन है। उन्हें भारी आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

क्या है कोशियारी कमेटी

7 नवंबर 2012 को तत्कालीन सांसद प्रकाश जावड़ेकर ने राज्यसभा में याचिका दायर कर एम्प्लॉइज पेंशन स्कीम 1995 में बदलाव की मांग की थी। छह दिन बाद राज्यसभा के सभापति ने याचिका मंजूर कर सांसद भगतसिंह कोशियारी की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाकर उसका परीक्षण करने के निर्देश दिए थे। समिति में अध्यक्ष के अलावा नौ तत्कालीन सांसदों नंदी एलईया, अविनाश पांडे, राजा रामपाल, मनोज पंडियन, पी राजीव, रामविलास पासवान, मुरली देवड़ा, वीपी सिंह बाडनोर और दर्शन सिंह यादव सदस्य थे। कमेटी ने 29 अगस्त 2013 को अपनी रिपोर्ट राज्यसभा को सौंपी। राज्यसभा के पटल पर 3 सितंबर 2013 से कमेटी की रिपोर्ट 147 नंबर पर रखी हुई है।

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