कमलनाथ ने पेटलावद ब्लास्ट में मारे गए लोगों को दी श्रद्धांजलि

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पेटलावद ब्लास्ट: मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले के पेटलावद  में 12 सितंबर 2015 की वह काली सुबह, जिसने 73 लोगों की जान लील ली थी, आज उसे तीन वर्ष बीत चुके हैं| ब्लास्ट में मारे गए लोगों के परिजन के दिल में अभी भी वह मंज़र ताजा है| आज प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ब्लास्ट में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने पहुंचे| इस मौके पर सांसद कांतिलाल भूरिया के साथ कई नेता मौजूद थे| उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाक़ात की| वहां उनका स्वागत पारंपरिक तरीक़े से तीर-कमान भेंट कर किया गया|

इस श्रद्धांजलि सभा में भाजपा और कांग्रेस के कई नेता शामिल हुए| तीन साल पहले 12 सितंबर 2015 को जिलेटिन-डेटोनेटर के अवैध भंडारण से हुए ब्लास्ट के कारण 73 लोगों की जान चली गई थी| वहीं 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे|

जानिए पेटलावद ब्लास्ट की कहानी

12 सितंबर 2015, दिन शनिवार, सुबह करीब 8 बजे बस स्टैंड के पास चहल-पहल थी| बच्चे स्कूल की ओर जा रहे थे और बाकी कई लोग अपने-अपने काम के लिए निकल रहे थे| कई दिहाड़ी मज़दूर काम के इंतज़ार में बैठे थे| चाय-नाश्ते की दुकानों पर भीड़ लगी हुई थी, तभी तेज़ धमाके की आवाज आई| आवाज़ सुनकर सभी लोग उस गोदाम के पास इकट्ठे हो गए, जहां से आवाज़ आई थी|

गोदाम के मालिक ने किरायेदार राजेंद्र कांसवा को फोन लगाया, जिसने गोदाम में सामान रखा था| पहले धमाके के बाद जमा हुई भीड़ दूसरे धमाके की चपेट में आ गई|

दरअसल, कुछ ही देर बाद दूसरा धमाका भी हो गया, जिसकी गूंज कई मीलों दूर तक सुनाई दी और चीख-पुकार मच गई| चारों और लहूलुहान शव बिखर गए| कई इंसान कई जानवर इस धमाके की चपेट में आ गए थे| शवों की हालत इतनी खराब हो गई थी कि उन्हें पहचानना भी मुश्किल था|

हादसे के बाद मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने पेटलावद ब्लास्ट पीड़ितों को मदद का भरोसा दिया, लेकिन पीड़ित परिवारों को आज लाभ नहीं मिला|

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