सहयोगी को जमानत, क्या आसाराम को भी मिलेगी जमानत?

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नाबालिग से यौन उत्पीड़न के मामले में जोधपुर जेल में बंद आसाराम की सहयोगी को आज यानी शनिवार को राजस्थान हाईकोर्ट से राहत मिल गई है| जस्टिस विजय विश्नोई की अदालत ने आज शिल्पी की सजा स्थगित करते हुए उसे जमानत दे दी| कहा जा रहा है कि आसाराम ने शिल्पी को जमानत पर बाहर लाने का प्लान बहुत पहले बना लिया था| इसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था|

आसाराम ने ऑडियो में कहा था, “बड़ा मन रखो, बड़ा मन तो वह है कि पहले बच्चे खाए, बाद में बड़े|  सबसे पहले शरद व शिल्पी को बाहर निकालेंगे| उसके बाद हम खुद आ जाएंगे बाहर| जितनी बड़ी गाज़ गिरती है, उतना ही बड़ा रास्ता निकल जाता है|” आसाराम के इस ऑडियो से अब यह भी संभावना जताई जा रही है कि क्या अब आसाराम को भी जमानत मिल जाएगी?

गौरतलब है कि शिल्‍पी आसाराम के मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा आश्रम में वार्डन थी| वे आसाराम की करीबी भी मानी जाती है| पीड़िता ने शिल्पी पर भी दुष्कर्म की साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया था| दरअसल, शिल्पी उर्फ संचिता ने राजस्थान हाईकोर्ट में अपील के बाद सजा स्थगन याचिका यानी एसओएस पेश की थी| बुधवार को हुई सुनवाई के बाद ही जस्टिस विश्नोई ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था| तब सुनवाई के दौरान शिल्पी के वकील ने कहा था कि वो जमानत पर रहीं और जमानत के नियमों को नहीं तोड़ा| ऐसे में एसओएस यानी सस्पेंसन ऑफ सेंटर्स का लाभ दिया जाना चाहिए|

जेल से बाहर निकलने के लिए छटपटा रहा आसाराम

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