मरीजों को नहीं मिल रहा इलाज

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एमजीएम मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर्स ने सरकार के सख़्त रुख के बाद अपना आंदोलन तेज़ कर दिया है| जूडा के पदाधिकारियों पर की गई कार्रवाई से जूनियर डॉक्टर्स की नाराज़ी बढ़ गई है| जूनियर डॉक्टर्स ने अब आंदोलन अपने हाथों में लेते हुए एमजीएम मेडिकल कॉलेज के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन कर अपनी मांगों को जायज बताया| जूनियर डॉक्टर्स का कहना है कि उन्हें सरकार से बात करना है| सरकार ने एकतरफा कार्रवाई करते हुए उन्हीं पर सीधी कार्रवाई कर दी, जिससे साथी छात्रों में रोष है|

ऑपरेशन टालने की बात से इनकार

स्टायपेंड सहित अन्य मांगों को लेकर 20 जुलाई से शुरू हुई जूनियर डॉक्टर्स की अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण एमवाय अस्पताल के करीब 400 जूनियर डॉक्टरों ने काम बंद कर दिया है| जूनियर डॉक्टर्स के काम बंद करने से मरीज और उनके परिजन परेशान हैं| उन मरीजों का बुरा हाल है, जो गंभीर बीमारियों का इलाज करवाने के लिए अस्पताल में भर्ती हैं| अस्पताल में डॉक्टरों की कमी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है| हालांकि अस्पताल प्रशासन अब तक किसी भी ऑपरेशन को टालने की बात से इनकार कर रहा है |

ओपीडी में पहुंचे मरीज

जूनियर डॉक्टर्स की हड़ताल के बीच बुधवार को एमवाय अस्पताल में व्यवस्थाएं चरमराई नज़र आईं| ओपीडी में मरीज पहुंचे, लेकिन इनके इलाज के लिए जूनियर डॉक्टर नहीं मिलें| ओपीडी में मीडिया की मौजूदगी को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने सीनियर डॉक्टर्स के साथ ही कुछ और डॉक्टर्स को यहां तैनात किया| इसके बावजूद अस्पताल में मरीजों की हालत खराब है। अस्पताल के अलग-अलग वार्डों में भर्ती मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है| जूडा की  हड़ताल के कारण भर्ती मरीजों का चेकअप भी नहीं हो पा रहा है।

जूडा एसोसिएशन के प्रतिनिधि पुरुषोत्तम और आशुतोष प्रतापसिंह ने आंदोलन के दौरान कहा कि सरकार एकतरफा निर्णय कर रही है | वे अपनी ओर से पहले भी मुख्यमंत्री शिवराजसिंह को एक ज्ञापन के माध्यम से सारी बातें बता चुके हैं | सरकार की नीति ठीक नहीं है, हमारा आंदोलन जारी रहेगा, सरकार के सामने रखी गई सभी मांगें जायज हैं|

सरकार ने जिस तरह से जूनियर डॉक्टररों को बर्खास्त कर एस्मा लगाने की कार्रवाई की है उसका विरोध अलग -अलग राज्य की इकाइयां कर रही हैं |इसमें एम्स दिल्ली की रेसिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉक्टर हरजीत सिंह भाटी ने मप्र सरकार को पत्र लिखकर डॉक्टरों पर से एस्मा हटाने की बात कही है। इसके अलावा गुजरात, महाराष्ट्र और नॉर्थ रीजन के जूनियर डॉक्टर्स ने अपना ज्ञापन सरकार को भेजा है|

धारा 144 लागू

जूडा के सामूहिक इस्तीफा देने से प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एमवायएच और एमजीएम कॉलेज में जिला प्रशासन और पुलिस ने मोर्चा संभल लिया है| इस बीच जिला प्रशासन ने धारा 144 लागू कर अस्पताल पहुंचकर वैकल्पिक व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा की और हड़ताल को अनुचित ठहराया| इस दौरान एडीएम अजयदेव शर्मा, अपने प्रशासनिक अमले के साथ अस्पताल में ही मौजूद है| जिन जूडा पदाधिकारियों पर निष्कासन की कार्रवाही हुई हैं, उनमें जूडा एसोसिएशन के डॉ. कृपाशंकर तिवारी, डॉ. अंशुमान पंचोली, डॉ. मोहित टॉक और एक अन्य डॉक्टर शामिल हैं|

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