विकास कार्यों की बैठक में देरी से पहुंचे नेता

0

इंदौर में बीते 26 जुलाई को टाउन और कंट्री प्लानिंग की महत्वपूर्ण बैठक में संभागायुक्त के देरी से पहुंचने के कारण इंदौर महापौर और जनप्रतिनिधि नाराज़ हो गए थे| लम्बे समय बाद होने वाली यह बैठक नाराज़गी के चलते स्थगित कर दी गई थी| घटनाक्रम के 5 दिन बार प्रशासन ने एक बार फिर बैठक आहूत की| इस बार बैठक में उलटी तस्वीर देखने को मिली| बैठक में अधिकारी तो समय से पहुंचे, लेकिन इस बार इंदौर के नेता लेट हो गए|

इंदौर के एआईसीटीएसएल कार्यालय पर हुई बैठक में सबसे पहले निगमायुक्त आशीष सिंह और कमिश्नर राघवेन्द्रसिंह पहुंचे| इसके बाद महापौर मालिनी गौड़, विधायक महेंद्र हार्डिया और इंदौर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष शंकर लालवानी भी समय पर उपस्थित हुए| बैठक भी तय समय पर शुरू हुई, लेकिन इसके बाद सभी जनप्रतिनिधि आना शुरू हुए|

टाउन और कंट्री प्लानिंग की बैठक शुरू होने के बाद विधायक सुदर्शन गुप्ता और कलेक्टर निशांत वरवड़े बैठक में शामिल होने पहुंचे| बीती बैठक में अधिकारियों के व्यवहार से नाराज़ होकर जाने वाली और कमिश्नर की शिकायत मुख्यमंत्री से करने की धमकी देने वाली विधायक उषा ठाकुर भी बैठक में 20 मिनट देरी से पहुंची| इसके बाद विधायक राजेश सोनकर 30 मिनट देरी से बैठक में शामिल होने पहुंचे और उन्होंने इसके पीछे अपने क्षेत्र की व्यस्तता को बताया|

अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की तल्खी की ख़बरों के बीच आहूत की गई इस बैठक में इंदौर के सभी विधायक शामिल होने पहुंचे, लेकिन एक के बाद एक देरी से आने के रिकॉर्ड बनाते रहे| बैठक में विधायक रमेश मेंदोला भी करीब 45 मिनट देर से आए| इंदौर से एकमात्र कांग्रेस के विधायक जीतू पटवारी बैठक में पूरे 1 बजे यानी 1 घंटा देरी से शामिल होने पहुंचे| वहीं देपालपुर के विधायक करीब डेढ़ घंटा देरी से बैठक में शामिल हुए|

कुल मिलाकर अधिकारियों पर देरी से आने का आरोप लगाकर विरोध करने वाले विधायकों पर इस बैठक में उनका ही दम भारी पड़ता नज़र आया|

बैठक में ही बाहर आ गए बाबा

टाउन और कंट्री प्लानिंग की बैठक के दौरान विधायक महेंद्र हार्डिया के कुछ समर्थक भी अपना काम लेकर पहुंचे| इस दौरान जब पूर्व पार्षद नंदू पहाड़िया ने विधायक को कॉल किया तो विधायक बैठक छोड़कर उनसे मिलने बाहर आए| विधायक ने अपने समर्थकों से करीब 15 से 20 मिनट बात की और फिर बैठक में जाकर बैठ गए|

Share.