पुलिसकर्मियों के सभी रिश्तेदारों को आतंकियों ने छोड़ा

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जम्मू-कश्मीर में आतंकियों ने पुलिसकर्मियों के रिश्तेदारों को गिरफ्तार कर लिया था| अब आतंकियों ने बंधकों को छोड़ दिया है| कहा जा रहा है कि दक्षिण कश्मीर के विभिन्न स्थानों से पुलिसकर्मियों के रिश्तेदारों को अगवा किया गया था| इसके बाद से ही पूरे इलाके में सर्च अभियान तेज़ कर दिया था| अगवा किए गए सभी रिश्तेदारों को शुक्रवार रात छोड़ा गया| इसके पहले पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला ने अपहरण की कड़ी निंदा की थी|

जानकारी के अनुसार, सभी अगवा किए गए लोगों से पुलिस अब पूछताछ करेगी| गौरतलब है कि पुलिस के एक प्रवक्ता ने कहा था, “दक्षिण कश्मीर में अपहरण की कुछ घटनाओं के बारे में पुलिस को पता चला है| हम ब्योरे और परिस्थितियों की पड़ताल कर रहे हैं|” आतंकियों ने कुलगाम, पुलवामा, बड़गाम, त्राल, अरवानी से पुलिसकर्मियों के रिश्तेदारों को अगवा किया था| जिन्हें अगवा किया गया था, उनमें एसएचओ नाजिर अहमद के भाई आरिफ, डीएसपी एजाज के भाई, अरवानी के पुलिसकर्मी का बेटा, पुलिसकर्मी रफीक अहमद राठर का बेटा, एएसआई बशीर अहमद का बेटा यासिर अहमद, पुलिसकर्मी मोहम्‍मद मकबूल बट के बेटे जुबैर अहमद, अब्‍दुल सलाम का बेटा समर अहमद राठर शामिल थे|

गौरतलब है कि शोपियां में आतंकी हमले के कारण चार जवान शहीद हो गए थे| इसके बाद जवानों ने आतंकवादियों के तीस से अधिक रिश्तेदारों को गिरफ्तार कर लिया था| इस घटना का बदला लेने के लिए ही आतंकियों ने साजिश रच कर पुलिसकर्मियों के रिश्तेदारों को अगवा किया था| जानकारी के अनुसार, सुरक्षाबल बंधकों को सुरक्षित रूप आतंकवादियों की कैद से छुड़ाने की रणनीति पर काम कर रहे थे, तब सोशल मीडिया पर हिजबुल के ऑपरेशनल कमांडर रियाज नाइको द्वारा जारी किए गए एक बयान में कहा गया कि अब से आतंकवादी ‘आंख के बदले आंख’ की नीति अपनाएंगे| बयान में आगे कहा गया था कि पुलिस ने हमें आंख के बदले आंख और कान के बदले कान की नीति का पालन करने के लिए मजबूर किया है|

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