जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रपति शासन जल्द…

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केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर में 19 दिसंबर को राज्यपाल शासन के 6 माह पूरे होने के बाद राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश की है। राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने की सिफारिश वाली रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजने के बाद यह फैसला किया है। एक अधिकारी ने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राज्य में 19 दिसंबर से राष्ट्रपति शासन लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। राज्यपाल कार्यालय ने इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्रालय को एक पत्र भी भेजा है।

एक अन्य अधिकारी ने कहा कि अब राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद एक उद्घोषणा जारी करेंगे। इस उद्घोषणा के अनुसार, राज्य विधानमंडल की शक्तियां संसद या प्राधिकार द्वारा इस्तेमाल की जाएंगी। गौरतलब है कि भाजपा द्वारा समर्थन वापस लेने के बाद महबूबा मुफ्ती सरकार गिर गई थी। ऐसे मामलों में राज्य का अलग संविधान होने के कारण उसके (जम्मू-कश्मीर संविधान के) अनुच्छेद 92 के तहत 6 माह का राज्यपाल शासन अनिवार्य है, जिसके तहत सभी विधायी शक्तियां राज्यपाल के पास आ जाती हैं।

राज्यपाल को 6 महीने पूरे होने के बाद विधानसभा को भंग करना होता है फिर राज्य अगले छह महीने के लिए राष्ट्रपति शासन के अधीन आता है, जिस दौरान राज्य में चुनाव की घोषणा करनी होती है। यदि चुनाव की घोषणा नहीं की जाती है तो राष्ट्रपति शासन को अगले छह महीने के लिए बढ़ाया जा सकता है।

जम्मू-कश्मीर संविधान के अनुच्छेद 356 के तहत राष्ट्रपति शासन में नहीं आता और राज्य के संविधान के अनुच्छेद 92 के तहत उसकी उद्घोषणा की जाती है। ऐसे में उसके उपरांत लिए जाने वाले सभी निर्णयों पर अनुच्छेद 74(1) के तहत राष्ट्रपति की मुहर लगनी होगी। इस अनुच्छेद के तहत पीएम मोदी की अगुवाई में मंत्री परिषद राष्ट्रपति को सहयोग और सलाह देगी।

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