अब मैं कर सकती हूं खुद की रक्षा!

0

स्पोर्ट्स एसोसिएशन ऑफ़ मिक्स मार्शल आर्ट्स मध्य प्रदेश और इंदौर पुलिस के संयुक्त बैनर तले स्कूली छात्राओं को आत्मरक्षा की ट्रेनिंग दी जा रही है| अब तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में दी गई ट्रेनिंग के सार्थक परिणाम सामने आने के बाद इस प्रशिक्षण की शुरुआत सोमवार को इंदौर के सत्य साईं स्कूल में की गई| ट्रेनिंग के दौरान छात्राओं को 20 से अधिक ट्रेनरों की टीम ने आत्म सुरक्षा से जुड़े अनेक टिप्स दिए| प्रदेश में बढ़ती छेड़छाड़ और अन्य घटनाओं के बीच हुई इस ट्रेनिंग को छात्राओं ने दिए गए डेमो के माध्यम से लिया और कहा कि इस ट्रेनिंग से आत्मविश्वास बढ़ा है|

पहले नहीं था विश्वास

छात्रा जिया विनायक और शमा ने आत्मरक्षा की ट्रेनिंग में हिस्सा लेने के बाद कहा कि पहले इतना विश्वास नहीं था, लेकिन एक बार की ट्रेनिंग से यह सीखने को मिला है कि कब और कैसे घटना से बचा जा सकता है और यदि कोई अप्रिय स्थिति निर्मित होती है तो उसे कैसे टाला जा सकता है|

पहली बात तो यह समझ आई कि बालिकाओं को ऐसे स्थान पर ही रहना चाहिए, जहां कुछ लोग हों या अपनी आवाज के माध्यम से हम लोगों तक पहुंच बना सकें, जिससे मदद मिलने में हमेशा आसानी बनी रहे और हम सदैव सुरक्षित घेरे में बने रहें| आत्मरक्षा की ट्रेनिंग से आत्मविश्वास बढ़ा है| पहले शायद कुछ होने पर क्या करें समझ नहीं आता, लेकिन अब ट्रेनिंग और पुलिस की बताई बातों से यह समझ आ गया है कि हम किस प्रकार मदद ले सकते हैं और अन्य महिलाओं और छात्राओं की मदद कर सकते हैं|

इंदौर में शुरू हुई इस आत्मरक्षा की ट्रेनिंग की अगुवाई कर रहे विकास शर्मा ने बताया कि इस ट्रेनिंग को अगले 7 दिनों तक अलग-अलग स्कूलों में करवाया जाएगा| संस्था का प्रयास है कि यह प्रशिक्षण अधिक-अधिक से महिलाएं और खासकर छात्राएं शामिल हों और खुद की सुरक्षा को लेकर भी आत्मनिर्भर बनें |

90 छात्राएं कर रही हैं मोबाइल का उपयोग

प्रशिक्षण के दौरान इंदौर पुलिस की ओर से पुलिस अधीक्षक अवधेश गोस्वामी ने बताया कि इस तरह की ट्रेनिंग से छात्राओं को सीधा लाभ मिलेगा| उन्होंने यह भी बताया कि बालिकाएं किस तरह खुद के साथ होने वाली घटनाओं को रोक सकती हैं और खुद को सुरक्षित भी कर सकती हैं | उन्होंने जब मौजूद छात्राओं से यह पूछा कि कितनी छात्राएं स्मार्टफोन का उपयोग कर रही है तो 90 फ़ीसदी स्कूली छात्राओं ने हाथ ऊपर उठाए| इसके बाद  गोस्वामी ने मोबाइल के उपयोग से जुड़ी जानकारी और इससे होने वाली परेशानी से दूर रहने के अनेक टिप्स छात्राओं को दिए | उन्होंने यह भी बताया कि घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस की मदद किस तरह ली जा सकती है|

 ‘महिला सुरक्षा कवच’ अभियान

इस अभियान को ‘महिला सुरक्षा कवच’ अभियान नाम दिया गया है, जिसकी शुरुआत ग्वालियर से 25 हजार बालिकाओं को आत्मरक्षा की ट्रेनिंग देने के साथ की गई है| इस मुहिम के तहत छात्राओं को स्कूलों में पहुंचकर सेल्फ डिफेंस और मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग दी जा रही है| सत्य साईं स्कूल में हुए आयोजन में  एएसपी प्रशांत चौबे, सीएसपी जयंत राठौर प्रमुख रूप से मौजूद रहे|

Share.