Video: सालों से छला रहे पीड़ितों ने आईडीए पर लगाए आरोप

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इंदौर विकास प्राधिकरण की योजना क्रमांक 171, पुष्प विहार कॉलोनी के भूखंडधारियों ने आईडीए द्वारा किए जा रहे भेदभाव से परेशान होकर विरोध के स्वर बुलंद कर दिए हैं| भूखंडधारियों का आरोप है कि वे बरसों से अपने आवास का सपना संजोए बैठे हैं, लेकिन आईडीए की हठधर्मिता है कि न तो आईडीए भूखंड को लेकर कोई अंतिम निर्णय कर रहा है न ही उनकी सुनवाई को तैयार है| पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने पुष्पविहार कॉलोनी में गर्दिश के दिनों की गाढ़ी कमाई से यहां भूखंड लिए थे, जिन पर मकान बनाने का सपना कब पूरा होगा, समझ नहीं आ रहा है| 

भूखंडधारियों ने लगाए आरोप

पुष्प विहार संघर्ष समिति के अध्यक्ष महेंद्र कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि आईडीए अपने विधान का पालन नहीं कर रहा है| आईडीए की धारा 54 में प्रावधान है कि किसी भी योजना को 2 वर्ष में शुरू करने के साथ ही 5 साल में पूरा करना होता है, जबकि आईडीए यहां दो मर्तबा योजना लागू कर चुका है| अब संघर्ष समिति अपने हक़ की लड़ाई को अंजाम तक ले जाएगी| पुष्पविहार कॉलोनी में भूखंड पाने की चाह में अपनी उम्र के आखिरी पड़ाव में पहुंच चुकी 75 वर्षीय नलिनी शिरे ने बताया कि उन्होंने यहां भूखंड पाई-पाई जोड़कर ख़रीदा है| बस मरने पहले अपने घर में रहना चाहते हैं| इसी तरह पूनम राठौड़, अनिता गर्ग, अनिल भंडारी, चन्द्रनाथ जैन, विकास पाडवेकर,शैलेन्द्र सोनी, धनलक्ष्मी सोनी और विकास पाटीदार सहित अनेक पीड़ितों ने आपबीती सुनाई |

विरोध दर्ज करवाते हुए सौंपा ज्ञापन

पुष्पविहार कॉलोनी के रहवासी शुक्रवार को एकजुट नज़र आए| पीड़ितों ने बड़ी संख्या में एकत्रित होकर अपनी आवाज़ को बुलंद किया| वे प्रीतमलाल दुआ सभागृह पर एकत्रित हुए और यहां से रैली के रूप में कमिश्नर कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपा। रहवासियों का आरोप था कि केंद्र की सरकार घर देने की बात कर रही है| प्रदेश सरकार अवैध कॉलोनियों को वैध कर रही है, वहीं 30 साल पहले भूखंड खरीदने वाले लोगों को अपने हक़ का भूखंड नहीं मिल पा रहा है|

हम भी चाहते हैं भूखंड मिले

इंदौर विकास प्राधिकरण अध्यक्ष शंकर लालवानी ने कहा कि हम भी चाहते हैं कि पुष्प विहार के भूखंडधारकों को भूखंड मिलाना चाहिए, जिससे वे अपना निर्माण कार्य कर सके | इसमें परेशानी यह है कि जिस समय इस कॉलोनी को स्कीम में लिया गया था, उस समय के तत्कालीन बोर्ड के संकल्प-पत्र में कहा गया है कि कुछ लोगों को छोड़ दिया गया| टीएनसीपी से मिली अनुमति की मियाद ख़त्म हो गई थी| इसके बाद नई स्कीम में पुष्प विहार आ गई | अब आईडीए धारा 56 के तहत इस मामले को समझौता कर सुलझाएगा|

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