बुद्धिजीवियों ने रखे विचार, अब सुने सरकार

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मध्यप्रदेश में इंदौर शहर को महानगर घोषित करने के लिए जनता के माध्यम से सरकार पर दबाव बनाया जाएगा। इंदौर उत्थान अभियान द्वारा आयोजित की गई बैठक में शहर के बुद्धिजीवियों ने यह विचार रखे। यहां उपस्थित विशेषज्ञों ने शहर में जल-मल बोर्ड की आवश्यकता की भी ज़रूरत बताई।

बैठक में विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों द्वारा इंदौर को महानगर घोषित करने एवं जल-मल बोर्ड बनाने के लिए सतत अभियान चलाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। पदाधिकारियों और बुद्धिजीवियों द्वारा कहा गया कि हमें सबसे पहले इस मामले को लेकर जनजागरण अभियान चलाना होगा। सोशल मीडिया के माध्यम से जनता को इस अभियान से जोड़ना होगा। उसके साथ ही इंदौर के जनप्रप्रतिनिधियों का भी समर्थन इंदौर उत्थान अभियान के लिए लिया जाएगा। इसके बाद समिति मुख्यमंत्री के समक्ष दावे पेश करेगी।

इंदौर उत्थान अभियान की बैठक में उद्योगपति राजेंद्र जैन ने कहा कि इंदौर अब मध्य भारत का एजुकेशन हब होने के साथ-साथ आईटी हब भी बन रहा है। ऐसे में इंदौर को महानगर का दर्जा दिया जाना ज़रूरी है ।

अरुण डीके ने कहा कि जंगल का चरित्र होता है, गांव हमेशा नदी के पास बसता है, लेकिन शहर का चरित्र उद्योग और व्यापार होते हैं।

रवि तिवारी ने कहा कि हमें इंदौर को महानगर घोषित करवाने के साथ ही यहां की यातायात समस्या के समाधान पर भी ज़ोर देना होगा।

डॉ. एसएल शर्मा ने कहा कि सड़क के किनारे जो पैवर ब्लॉक लगाए जा रहे हैं, उसमें इतना सीमेंट का उपयोग किया जा रहा है कि उससे पानी जमीन के अंदर नहीं जा रहा है।

सामाजिक कार्यकर्ता मालासिंह ठाकुर ने कहा कि हमें इस अभियान से नई पीढ़ी को जोड़ने के लिए स्कूल कॉलेजों में इस विषय पर प्रतियोगिताओं का आयोजन करवाना होगा । राकेश अग्रवाल ने कहा कि हमें उन लोगों से संपर्क करना चाहिए, जो इस बारे में फैसला लेंगे।

देवीलाल गुर्जर ने कहा कि सरकार ऐसे मामले में पुरानी जनगणना को आधार बनाती है, हमें इसे आधार बनने से रोकना होगा।

बाबूभाई महिदपुरवाला ने कहा कि जो हमारा हक़ है, उसे हमें लेना होगा। मांगने से काम नहीं चलेगा।

विजय कमानी ने कहा कि इस मामले में लोकसभा अध्यक्ष को भी हमें अपने साथ जोड़ना चाहिए ।

श्रीकृष्ण गुप्ता ने कहा कि हमें जनता को यह बताना होगा कि इंदौर को महानगर बना दिया जाएगा तो क्या फायदे होंगे। पार्षद कंचन गिदवानी ने कहा कि हम सभी को मिलकर इसके लिए काम करना होगा।

पर्यावरणविद ओपी जोशी ने कहा कि हमें हरियाली का भी मास्टर प्लान बनाना होगा। इसके लिए जनभादीदारी से काम करना होगा।

उद्योगपति गौतम कोठारी ने कहा कि सरकार का रुख टुकड़ों में विकास का है। इंदौर के पास देवास और पीथमपुर जैसे जो औद्योगिक क्षेत्र विकसित हुए हैं, उसका भी दबाव इंदौर पर ही आया है।

अभ्यास मंडल के अध्यक्ष रामेश्वर गुप्ता ने कहा कि इंदौर को महानगर बनाने के लिए चलाए जाने वाले हर अभियान में हम साथ हैं ।

समाजसेवी कृष्णकुमार अष्ठाना ने कहा कि हमें इंदौर को महानगर का अधिकार दिलाने के लिए सरकार को यह बताना होगा कि यह इंदौर का हक है।

इंदौर प्रेस क्लब के अध्यक्ष अरविंद तिवारी ने कहा कि हमें हक़ की बात हक़ से करना होगी। संचालन अशोक कोठारी ने किया। आभार नवनीत शुक्ला ने माना।

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