भारतीय मूल की लड़की को मिला सामाजिक क्षेत्र का ऑस्कर

0

ब्रिटेन में रहने वाली भारतीय मूल की अमिका जॉर्ज (18) ने एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है। अमिका को सामाजिक क्षेत्र का ऑस्कर कहा जाने वाला ‘गोलकीपर्स ग्लोबल गोल अवॉर्ड’ 2018 से सम्मानित किया गया। बता दें कि अमिका ने 2017 में ब्रिटेन में ‘फ्री पीरियड्स कैंपेन’ चलाया था। इसका मकसद था स्कूलों में गरीब लड़कियों को सैनिटरी प्रोडक्ट्स मुफ्त दिए जा सके।

गोलकीपर्स ग्लोबल गोल अवार्ड की शुरूआत बिल और मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन ने 2017 में की। अमिका को यह पुरस्कार इसलिए दिया गया क्योंकि उन्होंने पिछले वर्ष हज़ारों लोगों को डाउनिंग स्ट्रीट में प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित किया था। प्रदर्शनकारियों के साथ मिलकर अमिका जॉर्ज ने स्कूल में पढ़ने वाली गरीब लड़कियों के लिए फ्री सेनेटरी पैड की मांग उठाई थी। अमिका के फ्री पीरियड्स अभियान के बाद ब्रिटिश सरकार ने 15 लाख पाउंड का दान देने की बात कही थी।

अमिका ने कहा कि हर देश में पीरियड्स के मुद्दे पर बात करना मना है। इस कारण लड़कियों को काफी तकलीफ का सामना करना पड़ता है। मैंने एक रिपोर्ट में पढ़ी थी, जिसमें कहा गया था कि कई लड़कियां इस कारण स्कूल नहीं जा पाती क्योंकि उनके पास पैड्स खरीदने के पैसे नहीं होते।

अमिका ने कहा, एक रिसर्च के मुताबिक यूरोप में 10 में से एक लड़की सैनिटरी पैड्स का खर्च नहीं उठा पाती। लड़कियां पीरियड्स के दौरान अखबार, मोजे तक इस्तेमाल करती हैं, लेकिन सरकार उनके लिए कुछ भी नहीं करती।

अमिका के अलावा दो अन्य महिलाओं को भी अवॉर्ड दिए गए। इनमें एक नादिया मुराद है। नादिया इराक में आईएस के सामूहिक नरसंहार में जिंदा बच गई थी। नादिया को चेंजमेकर पुरस्कार से नवाजा गया। वही दूसरी केन्या की केन्या की दिस्मल किसिलु को दिया गया है। किसिलु को प्रोग्रेस अवॉर्ड से सम्मानित किया है। उन्होंने सोलर फ्रीज नाम से चेन शुरू की है। दिस्मल किसिलु के प्रयासों से छोटे किसानों की खेती में काफी इज़ाफा हुआ है।

Share.