एलएमजी और एमएमजी अब रिमोट से चलाएगी भारतीय सेना

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एलओसी पर पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज़ नहीं आ रहा है। आए दिन आतंकवादियों द्वारा घुसपैठ की कोशिश की जा रही है तो कभी पाकिस्तानी सेना द्वारा सीज़फायर का उल्लंघन किया जा रहा है। ऐसे में भारतीय सेना के लिए वे बड़ी चुनौती बन गई थीं कि दोनों हमलों को कैसे रोका जाए। पाकिस्तान की तरफ से लगातार गोलीबारी होती ही रहती है और इसी का फायदा उठाकर आतंकवादी सीमा पार कर भारत में घुसपैठ की कोशिश करते हैं। आए दिन हो रही मुठभेड़ों में भारतीय जवान भी शहीद हो रहे हैं। यहां तक कि आतंकवादियों ने पाकिस्तानी सेना के कुछ जवानों को मिलाकर बॉर्डर एक्शन टीम (बैट) का गठन किया है।

इस टीम में अत्याधुनिक लेंस से लैस राइफल्स के साथ शार्प शूटर होते हैं, जो भारतीय सैनिकों को अपना निशाना बनाते हैं। खुशी की बात यह है कि भारत ने अब एक ऐसी तरकीब ढूंढ ली है, जिसमें कैंप में बैठे जवान रिमोट का बटन दबाएंगे और वहां बैट के शूटरों की लाशें गिरती जाएंगी।

सेना द्वारा इजाद की गई इस तकनीक में लाइट मशीनगन (एलएमजी), मीडियम मशीनगन (एमएमजी), एके-47 और एके-56 जैसी राइफलें रिमोट के जरिये संचालित की जा सकेंगी। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तकनीक में आप अत्याधुनिक राइफल्स को बॉर्डर पर तैनात करके थोड़ी दूरी पर कैंप में बैठकर रिमोट के जरिये फायरिंग कर सकते हैं। राइफल्स में लगे कैमरे अपने निशाने को तलाश लेंगे और वह कैंप में बैठे ऑपरेटर को भी दिखाई देंगे। उन्हीं वीडियो को देखकर रिमोट के जरिए फायरिंग की जा सकेगी। राइफल में लगा मोबाइल वाई-फाई के जरिये 100 मीटर दूर बैठे जवान के स्मार्टफोन से कनेक्ट होगा। एक एप के जरिये मोबाइल फोन लाइव वीडियो भेजेगा।  ये तरकीब भारतीय सेना के जवानों के लिए बहुत फायदेमंद साबित होगी।

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