74 वें स्वतंत्रता दिवस पर जानिए कैसे तिरंगा बना हमारा राष्ट्रीय ध्वज ?

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आजाद भारत आज अपनी आजादी का जश्न मना रहा है, लेकिन इस जश्न में सब की नजर होती है भारत की आन बान और शान तिरंगे की ओर . पूरा देश आज राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के तीन रंगों में रंग कर आजादी के दीवानों को याद करता है. आज हम आपको इसी पावन मौके पर भारत के तिरंगे की कहानी सुनाते है. यह कैसे बना हमारा राष्ट्रीय ध्वज और भी सभी बातें जो आप में से कुछ लोग जानते है और कुछ नही . तो शुरू करते है तिरंगे की कहानी….

Independence Day 15 August 2020 National Flag Of India Rules In ...

22 जुलाई 1947 को आयोजित भारतीय संविधान सभा की बैठक के दौरान तिरंगा पहली बार अपनाया गया

यह बैठक 15 अगस्‍त 1947 को अंग्रेजों से भारत की स्‍वतंत्रता के कुछ ही दिन पहले की आयोजित हुई थी.

 बाद में 15 अगस्‍त 1947 और 26 जनवरी 1950 के बीच भारत के राष्‍ट्रीय ध्‍वज के रूप में तिरंगे को सम्मान मिला

तिरंगे का डिजाइन आंध्र प्रदेश के पिंगली वैंकैया ने तैयार की थी.

1916 में पिंगली वेंकैया ने भारतवासियों को एक सूत्र में बाँधने वाले एक झंडे के बारे में विचार किया

एस.बी. बोमान और उमर सोमानी ने उनक साथ दिया और तीनों ने मिल कर “नेशनल फ्लैग मिशन” की स्थापना की

कैसे तिरंगा बना भारत का राष्ट्रीय ...

वेंकैया महात्मा गांधी से काफी प्रेरित थे और उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज के लिए उन्हीं से सलाह ली

गांधी जी ने उन्हें इस ध्वज के बीच में अशोक चक्र रखने का सुझाव दिया था

जश्न 74वें स्वतंत्रता दिवस का, चीन-पाक का नाम लिए बगैर पीएम ने कहा…..

पहली बार में पिंगली वेंकैया लाल और हरे रंग की पृष्ठभूमि पर अशोक चक्र बना कर लाए

यह गाँधी ji को नही भाया इस बीच राष्ट्रीय ध्वज में रंग को लेकर वाद-विवाद चलते रहे

इस बीच 1947 में भारत को अंग्रेजों की गुलामी से मुक्ति मिली

राष्ट्रीय ध्वज के लिए फिर से पूर्व राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के नेतृत्व में एक कमेटी बनाई गई

क्या आप जानते है किसने बनाया इंडियन ...

तीन सप्ताह बाद 14 अगस्त को इस कमेटी ने अखिल भारतीय कांग्रेस के ध्वज को ही राष्ट्रीय ध्वज के रूप में घोषित करने की सिफारिश की.

15 अगस्त 1947 को तिरंगा देश की आजादी का प्रतीक बन गया.

राष्ट्रीय ध्वज बनाने के बाद पिंगली वेंकैया का नाम “झंडा वेंकैया” के नाम से लोकप्रिय हो गया.

सबसे पहले लाल, पीले और हरे रंग की हॉरिजॉन्टल पट्टियों पर बने झंडे को 7 अगस्त 1906 को पारसी बागान चौक (ग्रीन पार्क), कोलकाता में फहराया गया था.

 4 जुलाई, 1963 को पिंगली वेंकैया का निधन हुआ

राष्ट्रीय ध्वज के निर्माता श्री ...

 

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