ईरान से तेल पर निर्णय नई सरकार लेगी

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लोकसभा चुनावों (lok sabha election 2019) के बाद भारत की नई सरकार तेल आयात पर निर्णय लेगी (Oil Purchase Decision From Iran After Polls )| यह बात भारत ने मंगलवार को ईरान से कही है| भारत की और से कहा गया है कि तेल के आयात पर ‘चुनावों के बाद’ निर्णय व्यावसायिक विचार, ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक हितों सहित कारकों के मूल्यांकन करने के बाद नई सरकार लेगी| ऐसा पहली बार हुआ है जब 23 मई के बाद आने वाली अगली सरकार के लिए इस तरह का निर्णय छोड़ दिया गया हो| विदेश मंत्री सुषमा स्वराज (sushma swaraj) ने मंगलवार को सोमवार देर रात दिल्ली पहुंचे ईरानी विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद ज़रीफ़ (Mohammad Javad Zarif) से मुलाकात की| जरीफ पिछले कुछ दिनों में रूस, चीन, तुर्कमेनिस्तान और इराक भी गए है| उनकी यात्रा ईरान (iran) और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और फ़ारस की खाड़ी में संकट के बाद हुई है|

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सूत्रों के अनुसार (Oil Purchase Decision From Iran After Polls ) ईरानी विदेश मंत्री ने देश के तेल और बैंकिंग चैनलों को फिर से बहाल करने के लिये ईयू-3 और अन्य पक्षों को संयुक्त समग्र कार्य योजना पर अमल के लिये दी गई 60 दिनों की समय सीमा का भी जिक्र भी बातचीत के दौरान किया | स्वराज के साथ द्विपक्षीय बैठक के बाद, ज़रीफ़ (Mohammad Javad Zarif) ने ट्वीट किया: ‘तुर्कमेनिस्तान और भारत में उत्कृष्ट वार्ता हुई| जो लोग वास्तव में हमारे पड़ोस में रहते हैं, उनके पास शांति, स्थिरता, सहयोग और कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने में एक वास्तविक राष्ट्रीय सुरक्षा हित है| ईरान सबसे सुलभ, कुशल, टिकाऊ और सुरक्षित भागीदार बना हुआ है|’

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दोनों विदेश मंत्रियों के बीच यह बातचीत अमेरिका द्वारा भारत और सात अन्य देशों को ईरान से तेल खरीदने को लेकर दी गई छह माह की छूट की अवधि खत्म किये जाने के 12 दिन बाद हुई| सूत्रों ने कहा कि बैठक में जरीफ ने राष्ट्रपति हसन रुहानी द्वारा आठ मई को किये गए फैसलों का जिक्र किया जिनमें संवर्धित यूरेनियम और भारी जल के निर्यात से संबंधित फैसला भी शामिल है|

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