हैदराबाद ब्लास्ट केस का आया फैसला

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2007 में हैदराबाद के गोकुल चाट और लुंबिनी पार्क में हुए दोहरे बम ब्लास्ट में लगभग 44 लोगों की जान चली गई थी और 68 लोग घायल हो गए थे। 11 साल पहले हुए इस भीषण दोहरे बम ब्लास्ट मामले में फैसला आ गया है। फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने दो आरोपियों को दोषी करार दिया है वहीं दो अन्य को बरी कर दिया है। मामले में कोर्ट ने अनीक शफीक सईद और इस्माइल चौधरी को दोषी करार दिया है। मामले में दो और आरोपी बरी कर दिए गए हैं। पांचवें आरोपी पर फैसला सोमवार को सुनाया जाएगा। वहीं दो आरोपी फरार है।

पहले ये मामला नामपल्ली कोर्ट परिसर में स्थित एक अदालत में चल रहा था, बाद में इसे चेरलापल्ली सेंट्रल जेल के परिसर में स्थित कोर्ट हॉल में स्थानांतरित कर दिया गया था। कोर्ट में चल रहे इस मुकदमे में पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुनाने के लिए 27 अगस्त का दिन तय किया था। लेकिन 27 को भी फैसला नहीं आ सका। सत्र न्यायाधीश श्रीनिवास राव ने दोनों पक्षों को सुना। 25 अगस्त, 2007 को हुए दो विस्फोटों को पूरे 11 साल हो गए है, इसलिए पीड़ितों के परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों ने शनिवार को 11वीं बरसी मनाई।

तेलंगाना पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस ब्रांच ने मामले की जांच की और 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। ये सभी आतंकवादी संगठन इंडियन मुजाहिदीन के आतंकवादी थे। एजेंसी ने 5 आरोपियों के खिलाफ 4 चार्जशीट दायर किए थे और दो फरार आरोपियों रियाज भटकल और इकबाल भटकल को भी नामजद किया था।

अगस्त 2013 में दूसरी मेट्रोपॉलिटन सत्र न्यायाधीश अदालत ने अनिक शफीक सैयद, मोहम्मद सादिक, अकबर इस्माइल चौधरी तारिक अंजुम और अंसार अहमद बधसा शेख के खिलाफ आरोप लगाए थे। । सभी अभियुक्तों पर धारा 302 (हत्या) और आइपीसी के अन्य प्रासंगिक प्रावधानों व विस्फोटक पदार्थ अधिनियम एक्ट के तरह दोहरे बम धमाके में आरोप तय किए गए।

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