उज्जैन में सैकड़ों भाजपा-कांग्रेस नेताओं के शस्त्र लाइसेंस निरस्त

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उज्जैन कलेक्टर मनीषसिंह ने एक बार फिर अपना सख्त रवैया दिखाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर ने शहर के कई नेताओं के शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर दिए।  इसमें प्रदेश में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के कई नेताओं के नाम शामिल हैं। इस फेहरिस्त में पूर्व विधायक और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष भी शामिल हैं।

जिले में लोक शान्ति, सुरक्षा एवं लोकक्षेम के मद्देनजर कलेक्टर और  जिला दण्डाधिकारी मनीषसिंह ने 241 शस्त्र लाइसेंसधारियों के शस्त्र लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिए। साथ ही उन्हें आदेशित किया गया है कि वे 3 दिन के भीतर शस्त्र सम्बन्धित थाने में जमा कराएं और 10 दिन में जवाब प्रस्तुत करें कि क्यों उनका शस्त्र लाइसेंस निरस्त न कर दिया जाए।

कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी ने यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक उज्जैन के प्रतिवेदन के आधार पर आयुध अधिनियम-1959 की धारा-17 के अन्तर्गत की। पुलिस अधीक्षक ने इन सभी के विरूद्ध भादवि में अपराध पंजीबद्ध होने से उनके शस्त्र लाइसेंस निलम्बित करने की अनुशंसा की थी।

कलेक्टर मनीषसिंह ने जिन 241 लोगों के शस्त्र लाइसेंस निलंबित किए उनमें भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राजपाल सिंह सिसौदिया, कांग्रेस के पूर्व शहर अध्यक्ष अनंत नारायण मीणा, कांग्रेस पूर्व विधायक कल्पना परुलकर, नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि सचिन पाटनी, भाजपा पूर्व विधायक लालसिंह राणावत ,जनपद उपाध्यक्ष हाकमसिंह आंजना, भाजपा एमआईसी सदस्य सत्यनारायण चौहान , भाजपा पार्षद संजय कोरट, भाजपा मंडल अध्यक्ष विनोद गुप्ता, पंकज मिश्रा और वीएचपी नेता भेरूलाल टांक सहित कई कांग्रेस व भाजपा नेता शामिल हैं।

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