हस्ताक्षर अभियान: 50 हज़ार लोगों का मिला समर्थन

1

बंद हुकुमचंद मिल के बेसहारा मजदूरों को अब आम लोगों का समर्थन मिल रहा है| पिछले एक सप्ताह से मजदूर मध्यप्रदेश सरकार के खिलाफ और अपनी बकाया राशि की मांग को लेकर आम जनता के पास पहुंचकर हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से समर्थन जुटा रहे हैं| हुकुमचंद मिल के श्रमिकों ने 5 लाख लोगों के हस्ताक्षर का लक्ष्य रखा है|  अब तक मजदूर 50 हजार लोगों का समर्थन जुटा चुके हैं|

मजदूरों को है अच्छी खबर की उम्मीद

मध्यप्रदेश में होने जा रहे विधानसभा चुनाव से पहले मजदूरों की उम्मीद एक बार फिर जागी दिखाई दे रही है | इंदौर मिल मजदूर संघ (इंटक) के नेताओं और याचिकाकर्ता हरनामसिंह धारीवाल ने बताया कि उन्हें चुनाव से पहले एक उम्मीद बंधती दिखाई दे रही है, सरकार मजदूरों के हित में कोई निर्णय करेगी| मजदूरों ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री शिवराजसिंह जनआशीर्वाद लेने निकले हैं| जब यह आशीर्वाद यात्रा इंदौर पहुंचेगी तो प्रदेश के मुख्यमंत्री मजदूरों के हित में कोई फैसला लेंगे और मजदूरों को बकाया राशि मिलने का रास्ता साफ हो सकेगा|

229 करोड़ रुपए की मिल चुकी है स्वीकृति

मिल बंदी को 26 साल हो चुके हैं| हाईकोर्ट ने मिल मजदूरों के पक्ष में फैसला देते हुए 229 करोड़ रुपए का क्लेम स्वीकृत किया है| यह राशि बंद हुकुमचंद मिल की बेशकीमती जमीन बेचकर मजदूरों को दी जाना है, कोर्ट ने जमीन का मालिक इंदौर नगर निगम को माना है, लेकिन निगम जमीन को लेकर किसी भी तरह आगे नहीं बढ़ रहा है| हालांकि इस बीच कोर्ट के आदेश पर 50 करोड़ रुपए की एक किस्त मजदूरों को दी जा चुकी है|

एक सप्ताह में 50 हजार हस्ताक्षर

बंद हुकुमचंद मिल के बेसहारा मजदूरों ने एक सप्ताह में 50 हजार हस्ताक्षर करवाए, जबकि मजदूरों का लक्ष्य 5 लाख हस्ताक्षर का है| मजदूरों का कहना है कि उनकी अपनी मांग को लेकर वे बार -बार आंदोलन कर चुके हैं | पहली बार आम लोगों को उन्होंने अपनी परेशानी से जोड़ा है|  संभवतः शासन उनकी नहीं तो आम लोगों की हस्ताक्षरयुक्त गुहार मान ले| मजदूरों का कहना है कि आम लोगों का मजदूरों को समर्थन प्राप्त हो रहा है| मजदूर नेताओं का कहना है कि इस बार 5000 पोस्टकार्ड के माध्यम से प्रधानमंत्री तक अपनी आवाज़ भेजेंगे|

हुकुमचंद मिल: इंदौर में हक़ के लिए जारी है लड़ाई

हुकुमचंद मिल की जमीन पर फैसला

Share.