स्कूली बच्चों के लिए बने नए नियम

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केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) ने बच्चों के बस्ते के बोझ को लेकर बड़ा फैसला किया है| पहली बार कक्षा 10वीं तक के बच्चों के बस्ते के लिए गाइडलाइन जारी की गई है| एमएचआरडी के फैसले के अनुसार कक्षा एक व दो के बच्चे के कंधों पर डेढ़ किलो से अधिक भारी बस्ता नहीं लादा जा सकता| इसी तरह कक्षा तीन, चार और पांच के बच्चे 2-3 किलो ग्राम, कक्षा छह और सात में पढ़ने वाले बच्चे 4 किलो ग्राम, कक्षा आठ और नौ में पढ़ने वाले 4.5 किलो ग्राम और कक्षा दस में पढ़ने वाले बच्चों के बैग का भार पांच किलो से ज्यादा नहीं होगा|

20 नवंबर को जारी हुए सर्कुलर के अनुसार अब पहली और दूसरी कक्षा में पढ़ने वाले बच्चों को घर के लिए होमवर्क नहीं दिया जाएगा| इसके साथ-साथ कक्षा पहली से दूसरी तक भाषा, गणित विषय से संबंधित केवल दो ही किताबें अनिवार्य हैं, जबकि कक्षा तीसरी से पांचवीं तक भाषा, ईवीएस, गणित विषय की केवल एनसीईआरटी पाठयक्रम की पुस्तकें अनिवार्य की गई हैं|

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने सभी राज्यों ओर केंद्र शासित राज्यों को नोटिस जारी किया है| इसमें सभी को इन आदेशों की पालन करने के निर्देश दिए गए हैं|

आपको बता दें कि निजी स्कूलों में एनसीईआरटी पाठयक्रम की पुस्तकें अनिवार्य रूप से लागू किए जाने संबंधी एक मामले की सुनवाई 6 दिसंबर को पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में होना है| गौरतलब है कि कई वर्षों से स्कूली बस्ते का वजन कम करने की मांग की जा रही थी, क्योंकि स्कूल निजी प्रकाशकों की पुस्तकें चलाने के लिए स्कूली बस्ते को भारी कर रहे थे वहीँ  होमवर्क से छोटे बच्चे और उनके अभिभावक भी परेशान थे|

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