हिप इम्प्लांट विवाद : जॉनसन एंड जॉनसन की चौंकाने वाली लापरवाही

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अमरीका की ‘जॉनसन एंड जॉनसन’ का नाम बच्चा-बच्चा भी जानता है| पहले कंपनी द्वारा बेचे जाने वाले बेबी प्रोडक्ट्स सवालों के घेरे में आए थे और उनकी गुणवत्ता पर कई सवाल उठाए गए थे| अब इस कंपनी की हिप इम्प्लांट सर्जरी विवादों में आ गई है| कहा जा रहा है कि ‘जॉनसन एंड जॉनसन’ ने भारत में 3600 लोगों की जान के साथ खिलवाड़ किया| हिप इम्प्लांट कराने वाले कई मरीजों ने केन्द्रीय स्वास्थ मंत्री जेपी नड्डा को लिखित में शिकायत करके जल्द कार्रवाई की मांग की है|

दरअसल, अमरीका में रिजेक्ट हो चुके हिप रिप्‍लेस्‍मेंट सिस्‍टम को कंपनी ने भारत में 3600 लोगों को बेचा था| इस संबंध में मंगलवार रात को  फार्मा और चिकित्‍सा उपकरण क्षेत्र के नियामक सेंट्रल ड्रग स्‍टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन ने अपनी आधिकारिक साइट पर एक रिपोर्ट अपलोड की है| घटिया हिप रिप्‍लेसमेंट सिस्‍टम  के कारण 4 लोगों की मौत भी हो चुकी है, वहीं कई लोगों की जान जोखिम में हैं|

इस बात का खुलासा केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय द्वारा गठित समिति की जांच में हुआ था| रिपोर्ट में यह बात सामने आई थी कि जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी ने 3600 मरीजों में सिस्‍टम लगाया है, जिनके बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है| इसके बाद समिति ने प्रशासन से सिफारिश की कि सभी पीड़ित मरीज को 20 लाख रुपए मुआवजा दें और अगस्‍त 2025 तक सभी मरीजों के खराब सिस्‍टम बदले जाएं|

वहीं इस मामले में एक्सपर्ट का कहना है कि जॉनसन एंड जॉनसन ने भारतीय नियामक को इस बात का खुलासा नहीं किया था कि वो प्रोडक्ट वह भारत में बेच रही है वह ऑस्ट्रेलिया में रिजेक्ट हो चुके हैं| यह भी सूचना जॉनसन एंड जॉनसन ने 2009 में नया लाइसेंस लेते वक्त नहीं दी कि उसके हिप इम्प्लांट के मरीजों को दुनियाभर में दिक्कत हो रही है| फिलहाल इस मामले में जांच की जा रही है|

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