कंगना पर हाईकोर्ट का फैसला

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बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत के पाली हिल स्थित दफ्तर को तोड़े जाने के मामले में हाई कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए नुकसान का मूल्यांकन किया जाने का फैसला लिया है. कोर्ट ने साफ कहा है कि कंगना द्वारा तोड़फोड़ में हुए नुकसान के बयान का वह समर्थन नहीं करता है.

कोर्ट ने माना कि ये कंगना को धमकाने के मकसद से किया गया. कोर्ट ने भी हमसे कि इरादों पर भी प्रश्न चिन्ह लगाते हुए कहा कि कंगना को हर्जाना दिए जाने के लिए दफ्तर में हुई तोड़फोड़ का मूल्यांकन किया जाए. मूल्यांकन करने वाला व्यक्ति कंगना और बीएमसी दोनों को सुनेगी.जो भी हर्जाना होगा वो BMC द्वारा भरा जाएगा. कोर्ट ने कहा कि कंगना BMC से दफ्तर को दोबारा बनाने के लिए आवेदन करेंगी. तीन महीने के अंदर आर्किटेक्ट को डैमेज का मूल्यांकन करना होगा. दफ्तर का बाकी हिस्सा जिसे बीएमसी अनधिकृत बता रही है उसे नियमित किया जाए. कोर्ट का ये फैसला दफ्तर में हुई तोड़फोड़ के बाद करीबन 2 महीने तक चली बहसों के बाद सुनाया गया है.

 

कंगना के आपत्तिजनक बयानों और पोस्ट पर कोर्ट ने कहा कि उन्हें सोच समझ कर बोलना चाहिए. कोर्ट ने कहा कि विषय दफ्तर को तोड़ा जाना है न कि ट्वीट में कही गई बातें. वहां पर बहुत सा काम रुका पड़ा है. कोर्ट ने कहा कि वह कंगना द्वारा दिए गए बयान हालांकि गैरजिम्मेदाराना हैं .

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