याचिकाकर्ता पर लगाया 10 हजार का जुर्माना

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पतंजलि समूह को पीथमपुर में कारखाना लगाने के लिए आवंटित की गई 40 एकड़ जमीन के खिलाफ हाई कोर्ट में दायर की गई जनहित याचिका सोमवार को खारिज कर दी गई। हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता पर 10 हजार की जुर्माना लगाया है| हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि याचिका बेमतलब की थी और इससे कोर्ट का समय बर्बाद हुआ।

डिविजन बेंच के समक्ष हुई थी सुनवाई

जस्टिस पीके जायसवाल, जस्टिस एसके अवस्थी की डिविजन बेंच के समक्ष इस मामले की सुनवाई पूरी हुई थी। हाई कोर्ट ने सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया था। सोमवार को हाई कोर्ट ने फैसले में कहा कि हमने पूर्व की याचिका में कहा था कि यदि अलॉटमेंट गलत तरीके से हुआ तो फिर से याचिका लगाई जा सकती है, लेकिन दूसरी बार दायर की गई याचिका में कोई ठोस आधार नहीं थे। सरकार ने पतंजलि समूह को जमीन आबंटित करने में कोई गड़बड़ी नहीं की है। कैबिनेट से प्रस्ताव पारित होने के बाद जमीन दी गई है। कोर्ट ने याचिका लगाने वाले पर 10 हजार रुपए की जुर्माना भी लगाया गया है।

याचिकाकर्ता ने लगाए थे आरोप

हाई कोर्ट में दायर की गई याचिका में आरोप लगाया गया था कि सरकार ने कम दरों पर पतंजलि समूह को जमीन आवंटित कर दी है। शासन ने इस याचिका के जवाब में कहा था कि जमीन आवंटन का फैसला कैबिनेट का था। इसके लिए पालिसी बनाकर जमीन आवंटित की गई थी। पतंजलि समूह ने भी कोर्ट के समक्ष जवाब दिया था कि उन्हें यह जमीन दूसरी बार आवंटित हुई है। समय पर कारखाना नहीं लगा तो आवंटन निरस्त कर उन्हें जमीन दी गई है।

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