सरकार का ऐलान – तीन सरकारी बैंकों का होगा विलय

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केंद्र सरकार बैंकों के विलय की दिशा में एक ओर बड़ा कदम उठाने जा रही है। वित्तमंत्री अरुण जेटली ने तीन सरकारी बैंकों के विलय की घोषणा की। अब विजया बैंक, देना बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा का विलय कर देश का तीसरा सबसे बड़ा बैंक बनेगा। वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि इससे बैंक को मजबूत मिलेगी और उनकी ऋण देने की क्षमताएं भी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि विलय के बाद तीनों बैंकों में कार्यरत कर्मचारी किसी भी तरह से प्रभावित नहीं होंगे।

जेटली ने कहा कि बैंकों का विलय हमारे एजेंडे में था। इस दिशा में हम पहले भी कदम उठा चुके हैं। अब तीनों बैंकों के विलय से यह देश का तीसरा सबसे बड़ा बैंक बन जाएगा। उन्होंने कहा कि विलय के बाद बैकिंग गतिविधियां बढ़ेंगी। विलय से तीनों बैंकों के कर्मचारियों की मौजूदा सेवा शर्तों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

वहीं वित्तीय सेवा सचिव राजीव कुमार ने कहा कि तीनों बैंकों के निदेशक मंडल विलय प्रस्ताव पर विचार करेंगे। इस विलय से परिचालन दक्षता और ग्राहकों को मिलने वाली सेवा बेहतर होगी। उन्होंने कहा कि नेटवर्क, कम-लागत जमा और अनुषंगी इकाइयों के मामले में बेहतर तालमेल होगा। राजीव ने कहा कि कर्मचारियों के हितों तथा ब्रैंड इक्विटी का संरक्षण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि देना बैंक, विजया बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा के पूंजी समर्थन सुनिश्चित किया जाएगा। तीनों बैंक विलय के बाद स्वतंत्र रूप से कार्य करते रहेंगे।

बता दें कि बैंक ऑफ बड़ौदा की देश में 5502, विजया बैंक की 2219 और देना बैंक की 1858 ब्रांच है। विलय के बाद नए बैंक की 9489 ब्रांच हो जाएंगी। वहीं बैंक ऑफ बड़ोदा में 56361, विजय बैंक में 15874 और देना बैंक में 13440 कर्मचारी हैं। विलय के बाद नए बैंक में कुल 85675 कर्मचारी हो जाएंगे।  गौरतलब है कि पिछले वर्ष स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के सहयोगी बैंकों का एसबीआई में विलय हो चुका है। सरकार का मानना है कि कुछ बैंकों का संचालन लागत फायदे से कम है। इसलिए ऐसे बैंकों का विलय कर दिया जाएगा।

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