Video: इंदौर के कारण 14 साल बाद घर लौटेंगे गोपाल

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कहते हैं न कि दुनिया बहुत ही छोटी है और यदि यहां कोई खो जाए तो वह हमें आसानी से मिल सकता है। इसकी बानगी मंगलवार को इंदौर में देखने को मिली। लगातार कई वर्षों से लापता पिता को इंदौर के डॉक्टरों ने अपने परिवार से मिलवा दिया। इंदौर के मनोरमाराजे क्षय अस्पताल में भर्ती मरीज गोपाल साहू उत्तरप्रदेश के उन्नाव जिले के रहने वाले हैं। सन 2003 में मुंबई से अपने घर के लिए निकले गोपाल साहू अपने घर पहुंचने से पहले ही लापता हो गए थे, लेकिन परिवार की लाख कोशिशों के बाद भी गोपाल का पता नहीं चल सका।

इसके बाद गोपाल यहां वहां अनाथालयों में रहे। जब गोपाल को टीबी की गंभीर बीमारी हुई तो उन्हें मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले के अस्पताल से इलाज के लिए इंदौर रैफर किया गया। यहां डॉक्टरों ने जब उनकी जानकारी निकालनी चाही तो धीरे-धीरे उनके परिवार की जानकारी सामने आती गई।

अस्पताल के टीबी अधिकारी डॉक्टर विवेक बिलगैया ने मामले में जानकारी देते हुए बताया कि इस मरीज की स्थिति पहले ठीक नहीं थी, लेकिन उनकी टीम ने जब धीरे-धीरे मरीज से जानकारी लेना शुरू की तो उसने अपने परिवार की सभी जानकारियों  को अस्पताल प्रबंधन से साझा किया। इसके बाद उन्होंने उत्तरप्रदेश के उन्नाव जिले के टीबी अधिकारी से संपर्क किया। उन्नाव के डॉ.राजेंद्र प्रसाद और उनके सहायक मो.एजाज के सहयोग से उन्होंने गोपाल के परिवार से संपर्क किया।

मरीज गोपाल के बेटे मंगलवार को मुंबई से उन्हें लेने के लिए पहुंचे। अपने पिता को पूरे 15 साल बाद बेटे को बेहद खुशी हुई। उन्होंने इसके लिए पूरे अस्पताल प्रबंधन का आभार माना। गोपाल के बेटे ने बताया कि जब काफी दिनों तक खोजने के बाद भी उनके पिता नहीं मिले तो उन्होंने उनके मिलने की उम्मीद छोड़ दी थी, लेकिन इसके बाद जब अचानक इंदौर से उनके पिता से उनकी बात फोन के जरिये करवाई गई तो उनकी ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा।

गोपाल को अपने परिवार से मिलाकर इंदौर ने एक बार फिर से मिसाल पेश की है। एक परिवार को मिलाने की खुशी यहां पूरा अस्पताल प्रबंधन महसूस कर रहा है।

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