क्यों कहलाए टायरस वॉन्ग Disney Legend?

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गूगल हमेशा ही महान लोगों को याद करते हुए डूडल बनाता है| आज यानी 25 अक्टूबर को गूगल ने चीनी-अमरीकी आर्टिस्ट टायरस वॉन्ग का डूडल बनाकर उन्हें याद किया| आज उनका 108वां जन्मदिन है| गूगल ने अपने होमपेज पर डूडल का एक छोटा सा वीडियो बनाया है, जिस पर क्लिक करने से अलग-अलग स्लाइड्स प्ले होती हैं| इस रंगबिरंगे डूडल को गूगल ने वॉन्ग को समर्पित किया है| इस वीडियो में डूडल में वॉन्ग को एनिमेशन, पेंटिंग और डिजाइनिंग करते हुए दिखाया है|

https://youtu.be/WABmjYmBKLQ

टायरस वॉन्ग का जन्म चीन के गुआंडोंग प्रांत में 25 अक्टूबर 1910 को हुआ था| उन्होंने 26 वर्षों तक वार्नर ब्रदर्स स्टूडियो के लिए काम किया| वॉन्ग को वर्ष 2001 में डिज्नी लीजेंड अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था| इसी के साथ उन्हें वर्ष 2015 में सैन डिएगो एशियाई फिल्म फेस्टिवल में उन्हें लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से नवाज़ा गया था| उनका निधन 106 वर्ष की उम्र में हुआ था|

चीन में जन्मे टायरस वॉन्ग अपने पिता के साथ अमरीका आ गए थे| अमरीका पहुंचने पर चीनी अपवर्जन अधिनियम के कारण उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया| अंत में वे लॉस एंजिल्स में बस गए, जहां उन्होंने स्कूल जाना शुरू किया|

वॉन्ग वर्ष 1938 में इंटर्न तौर पर उन्होंने ‘वॉल्ट डिज्नी’ में काम करना शुरू किया| यहां उन्होंने चित्रकार, एनिमेटर स्केच के तौर पर काम किया| डिज्नी की फिल्म ‘बांमी (1942)’ ने उन्हें सफलता दिलाई| वर्ष 2001 में हॉलीवुड में उनके कामों को सराहा गया और उन्हें ‘डिज्नी लीजेंड’ की उपाधि दी गई|

उन्होंने फिल्म ‘रिबेल विद ए कॉज (1955)’, ‘अराउंड द वर्ल्ड इन एटी डेज (1956)’, ‘रियो ब्रावो (1959)’, ‘द म्यूजिक मैन (1962)’, ‘द ग्रेट रेस (1962)’, ‘पीटी 109 (1963)’, ‘द ग्रीन बेरेट्स (1968)’ और ‘द वाइल्ड बंच (1969) जैसी फिल्मों में डिजाइनर के तौर पर काम किया|

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