Video: इंदौर में लगे रोजगार मेले में नहीं मिली अच्छी नौकरी

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देश में 2 लाख नए रोजगार देने का दावा करने वाली केंद्र सरकार रोजगार देने में किस हद तक सफल हो रही है, इसकी झलक सरकारी रोजगार मेले में आसानी से देखी जा सकती है। ऐसा ही एक नजारा इंदौर में कौशल विकास विभाग द्वारा लगाए गए रोजगार मेले में देखने को मिला। इस तीन दिवसीय मेले में दूसरे दिन बड़ी संख्या में मध्यप्रदेश से आवेदक नौकरी के लिए उम्मीदें लिए पहुंचे, लेकिन सफलता सिर्फ कुछ के ही हाथ लगी।

मेले में कई कंपरियों के प्रतिनिधि और कौशल विकास केंद्र के प्रशिक्षक भी मौजूद रहे। सभी प्रतिनिधियों ने अपने कोर्स के माध्यम से युवाओं को बेहतर रोजगार उपलब्ध कराने की बात कही। रोजगार मेले की प्लेसमेंट हेड निकिता मल्होत्रा ने बताया कि इस मेले में युवाओं के लिए अच्छे अवसर हैं। उन्होंने कहा कि तीन दिनों में यहां से कम से कम 1 हजार लोगों को रोजगार उपलब्ध करवाना हमारी प्राथमिकता है।

बेरोजगार हुए निराश…

रोजगार मेले में यूं तो युवाओं को अपने-अपने क्षेत्र में रोजगार मिलने की उम्मीद थी, लेकिन अधिकांश युवा यहां से निराश ही लौटे। इंदौर से आईटीआई में डिप्लोमा करने वाली निकिता पांचाल जब रोजगार मेले में पहुंची तो उन्हें उनकी प्रोफाइल के अनुरुप कार्य ही नहीं मिल पाया। अधिकारियों ने उनसे यह कहकर उन्हें लौटा दिया कि इस मेले में आईटीआई क्षेत्र की कोई कंपनी नहीं है।

ऐसे ही ग्वालियर से नौकरी के लिए आए मयंक भार्गव का कृषि क्षेत्र की कंपनी ने इंटरव्यू तो किया, लेकिन उन्हें भी अगले राउंड के लिए चार दिन बाद आने का कहा गया।

वहीं एमबीए के कई छात्रों को अपनी प्रोफाइल के लायक कोई काम ही नहीं मिला। आवेदक प्रतीक जैन ने बताया कि मेले में सिर्फ 8वीं और 10वीं पास लोगों के लिए रोजगार उपलब्ध है, लेकिन उच्च शिक्षित लोगों के लिए कोई खास काम नहीं है।

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