गोधरा कांड : दो आरोपी दोषी करार, तीन बरी

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वर्ष 2002 गुजरात के गोधरा कांड मामले में एसआईटी (स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम) कोर्ट ने दो आरोपियों को दोषी करार दिया है। वहीं तीन लोगों को बरी कर दिया। दोनों ही दोषियों की सज़ा का ऐलान बाद में किया जाएगा। बता दें कि एसआईटी की विशेष अदालत ने एक मार्च 2011 को गोधरा कांड में 31 लोगों को दोषी ठहराया था और 63 को बरी कर दिया था।

ट्रायल के दौरान मौत

हुसैन सुलेमान, कसम भेमेडी, फारूक धतिया, फारूक भाना, इमरान शेरू भटुक के खिलाफ सुनवाई हो रही थी। इसमें इमरान और फारूक भाना को दोषी ठहराया गया है। वहीं तीन आरोपियों को मामले से दोषमुक्त कर दिया गया है। वर्ष 2002 के गोधरा कांड केस में 6 आरोपियों में से एक अब्दुलगनी पाटड़िया की 20 अगस्त 2017 को ट्रायल के दौरान मौत हो गई।

जानें क्या है गोधरा कांड ?

27 फरवरी 2002 को गुजरात के गोधरा शहर में रेलगाड़ी साबरमती एक्सप्रेस के एस-6 कोच में आग लगने से 59 यात्री मारे गए थे। इस घटना का दोष मुसलमानों पर लगाया गया था, जिसके कारण गुजरात में 2002 के दंगे हुए। पूरा मामला 2008 में एसआईटी के हवाले कर दिया गया। इसके बाद एसआईटी जज ज्योत्सना याग्निक ने 31 लोगों को दोषी ठहराते हुए 63  लोगों को बरी कर दिया। 11 दोषियों को मृत्युदंड जबकि 20 को उम्रकैद की सज़ा सुनाई गई।

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