जस्टिस कर्णन 8 जजों के खिलाफ खटखटाएंगे इंटरनेशनल कोर्ट का दरवाजा

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देश में एक तरफ जहां तेजी से अपराध बढ़ रहे हैं वहीं दूसरी ओर न्याय व्यवस्था भी सवालों के घेरे में है| अब हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस सहित आठ जजों के खिलाफ इंटरनेशनल कोर्ट में आरोप लगाने वाले हैं| इस मामले में कोलकाता हाईकोर्ट के पूर्व जज जस्टिस सीएस कर्णन हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रहे हैं| इसके पहले कर्णन ने सुप्रीम कोर्ट और मद्रास हाईकोर्ट के 20 सीटिंग जजों को करप्ट बताया था|

दरअसल, कोलकाता हाईकोर्ट के पूर्व जज जस्टिस सीएस कर्णन ने सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल से लिखित में शिकायत की है कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान चीफ जस्टिस सहित आठ जजों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट का उल्लंघन करने के आरोप में सजा का ऐलान किया था, लेकिन अभी तक उस फैसले पर गिरफ्तारी नहीं हुई है| न ही कोई कार्रवाई हुई|

शिकायत में जस्टिस सीएस कर्णन ने बताया है कि वे अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के सामने यह मुद्दा उठाएंगे क्योंकि भारत में अभी तक इस मामले में न्याय नहीं मिला| इसके पहले उन्होंने सुप्रीम कोर्ट और मद्रास हाईकोर्ट के 20 सीटिंग जजों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले में लिखित शिकायत की थी|

इन पर लगाया आरोप

तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश जस्टिस जे एस खेहर, मौजूदा मुख्य न्यायाधीश जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस चेलमेश्वर, जस्टिस एम बी लोकुर, जस्टिस पी सी घोष, जस्टिस कुरियन जोसेफ और जस्टिस भानुमति पर आरोप लगाएं| जस्टिस कर्णन ने ने सभी को करप्ट, एंटी सोशल एलिमेंट और टेररिस्ट कहते हुए दोषी करार दिया था और सज़ा सुनाई थी| 9 मई 2017 को उन्हें कोर्ट की सभी जजों को दोषी ठहराते हुए छह महीने की सजा सुनाई थी और पश्चिम बंगाल पुलिस को आदेश दिया था कि उन्हें अविलंब गिरफ्तार करें|

पूर्व जज कर्णन ने बनाया राजनीतिक दल

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