फिर शुरू हुई भाप से चलने वाली पहली हेरिटेज ट्रेन

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वैसे तो भाप के इंजन का इतिहास बहुत पुराना है। रेलवे के शुरुआती समय में भाप का इंजन ही काम में लिया जाता था, लेकिन भाप के इंजन से चलने वाली रेलगाड़ी का परिचालन देश में लगभग 25 साल पहले बंद हो गया था। इसी सेवा को भारतीय रेल ने एक बार फिर से शुरू किया है। विश्व की पहली हेरिटेज ब्रॉडगेज भाप से चलने वाली नियमित साप्ताहिक ट्रेन का रविवार को रेलवे ने शुभारंभ कर दिया। यह हेरिटेज ट्रेन गुरुग्राम के गढ़ी हरसरू रेलवे स्टेशन से फरुखनगर स्टेशन के बीच चलेगी।  23 सितम्बर से इस गाड़ी का नियमित परिचालन शुरू कर दिया गया है।

लगभग 25 साल बाद शुरू हो रही इस सेवा का किराया भी बहुत कम रखा गया है। इस रेलगाड़ी का किराया मात्र 10 रुपए रखा गया है। 10 रुपए में यात्री गढ़ी हरसरू से फर्रुखनगर रेलवे स्टेशन की यात्रा कर सकते हैं। भाप के इंजन से चलने वाली इस हेरिटेज ट्रेन को मुख्य रूप से यात्रियों को भाप के इंजनों और इनसे चलने वाली रेलगाड़ियों के प्रति जागरूक करने के लिए चलाया गया है। 15 सितंबर, 2018 को ‘स्वच्छता ही सेवा’ सप्ताह के शुभारंभ के दिन रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष अश्विनी लोहानी ने इस रेलगाड़ी को चलाए जाने की घोषणा की थी।

विश्व में कई दूसरी जगह आज भी भाप का इंजन इस्तेमाल किया जाता है, जिसका पर्यटकों में खासा क्रेज़ है। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि हरसरू रेलवे स्टेशन से फरुखनगर स्टेशन के बीच शुरू हुई यह ट्रेन भी पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करेगी। भाप से चलने वाली रेलगाड़ियों को पसंद करने वाले लोगों के लिए यह एक अच्छी खबर है। भाप का यह इंजन वर्ष 1947 में मेसर्स बाल्डविन लोकोमोटिव वर्क्स यूएसए द्वारा निर्मित किया गया था| इसे सन 1947 में भारत लाया गया था। आज़ादी मिलने के बाद ये भारत में आया इसलिए इसे ‘आज़ाद’ नाम दिया गया।

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